आप भी तो नहीं पी रहे मिलावटी दूध? लैब नहीं, बल्कि घर पर ही इन 3 आसान तरीकों से करें शुद्धता की जांच
मिलावटी दूध सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे बचने के लिए आप घर पर FSSAI के बताए आसान तरीकों से शुद्धता की जांच कर सकते हैं।

क्या आपके घर आने वाला दूध शुद्ध है? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दूध हमारी रोज की डाइट का अहम हिस्सा है, खासकर बच्चों के लिए। लेकिन क्या आप जानते हैं आपके घर आने वाला दूध शुद्ध है या नहीं? मुनाफे के लालच में आजकल दूध में पानी से लेकर स्टार्च और यहां तक कि डिटर्जेंट जैसी खतरनाक चीजों की मिलावट की जा रही है। ऐसा मिलावटी दूध पोषण देने के बजाय सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
राहत की बात यह है कि मिलावट की पहचान के लिए आपको किसी लैब जाने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं FSSAI के बताए 3 ऐसे आसान घरेलू टेस्ट, जिनकी मदद से आप मिनटों में मिलावटी दूध की पहचान कर सकते हैं।
दूध में पानी की मिलावट की जांच
पानी की मिलावट सबसे आम है। इसे जांचने के लिए आपको बस एक ढलान वाली सतह की जरूरत है।
जांच का तरीका-
- किसी पॉलिश की हुई चिकनी सतह या पत्थर को थोड़ा तिरछा रखें और उस सतह पर दूध की एक बूंद टपकाएं।
नतीजा-
- शुद्ध दूध- अगर दूध शुद्ध है, तो बूंद या तो वहीं टिकी रहेगी या सफेद लकीर छोड़ते हुए बहुत धीरे-धीरे नीचे बहेगी।
- मिलावटी दूध- अगर दूध में पानी मिलाया गया है, तो बूंद बिना कोई निशान छोड़े तुरंत नीचे बह जाएगी।
दूध में डिटर्जेंट की मिलावट की जांच
दूध को गाढ़ा दिखाने या झाग बनाने के लिए कई बार इसमें डिटर्जेंट मिला दिया जाता है, जो पेट के लिए बहुत हानिकारक है।
जांच का तरीका-
- एक कांच की शीशी या टेस्ट ट्यूब में 5 से 10 मिलीलीटर दूध का सैंपल लें।
- इसमें उतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं।
- अब इस मिश्रण को जोर-जोर से शेक करें।
नतीजा-
- शुद्ध दूध- हिलाने के कारण शुद्ध दूध पर झाग की बहुत पतली परत बनेगी।
- मिलावटी दूध- अगर दूध में डिटर्जेंट है, तो हिलाने पर इसमें गाढ़ा और भरपूर झाग बन जाएगा, जो काफी देर तक बना रहेगा।
स्टार्च की मिलावट की जांच
दूध, खोया, पनीर या छेना को गाढ़ा बनाने के लिए अक्सर इसमें स्टार्च मिलाया जाता है।
जांच का तरीका-
- दूध के लिए- 2-3 मिलीलीटर दूध का सैंपल लें।
- खोया/पनीर/छेना के लिए- थोड़े से सैंपल को 5 मिलीलीटर पानी के साथ उबालें और फिर उसे ठंडा कर लें।
- अब इसमें टिंचर आयोडीन की 2-3 बूंदें डालें।
नतीजा-
- मिलावटी- अगर आयोडीन डालने के बाद दूध या मिल्क प्रोडक्ट का रंग नीला हो जाता है, तो यह स्टार्च की मौजूदगी को दिखाता है।
- शुद्ध उत्पाद- शुद्ध दूध के रंग में ऐसा कोई बदलाव नहीं आएगा।
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