केमिकल से पका आम तो नहीं ले आए घर? इन 4 तरीकों से 2 मिनट में करें मिलावट की पहचान
केमिकल से पके आम आपकी सेहत के लिए हानिकारक हैं। इनकी पहचान करने के लिए आम खरीदते समय कुछ आसान टेस्ट कर सकते हैं। ...और पढ़ें
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बाल्टी के पानी से 1 मिनट में करें केमिकल वाले आम की पहचान (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही बाजार रसीले आमों से सज जाते हैं। तोतापुरी से लेकर लंगड़ा और दशहरी तक, भारत में मिलने वाली आम की हर किस्म का अपना एक अलग ही लाजवाब स्वाद होता है। हालांकि, आम के लिए लोगों की इसी दीवानगी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मुनाफे के लालच में केमिकल से पके आम बेचने लगते हैं।
फलों को जल्दी पकाने के लिए अक्सर कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। FSSAI ने इसके इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ है, फिर भी गैर-कानूनी रूप से इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
ऐसे में अपनी और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल से पके आमों को पहचानना बेहद जरूरी है। अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान तरीकों से आप असली और मिलावटी आम की पहचान कर सकते हैं। आइए जानें कैसे।
रंग और बाहरी बनावट
केमिकल से पके आम देखने में बहुत आकर्षक और चमकदार पीले नजर आते हैं। इनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि इनका रंग पूरी तरह से एक जैसा होता है। वहीं, प्राकृतिक रूप से पके आमों पर रंग की असमानता दिखाई देती है। उनमें कहीं गहरा पीला तो कहीं हल्का हरा या लाल रंग का मिश्रण हो सकता है। अगर आम के छिलके पर कहीं-कहीं सफेद या काले धब्बे नजर आ रहे हैं, तो यह केमिकल के निशान हो सकते हैं।
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(Picture Courtesy: Freepik)
खुशबू से पहचान
आम की पहचान उसकी भीनी और मीठी खुशबू से होती है। प्राकृतिक रूप से पका आम हाथ में लेते ही एक खास सुगंध देता है। लेकिन अगर आम को कैल्शियम कार्बाइड से पकाया गया है, तो उसमें से अजीब सी तीखी या केमिकल जैसी गंध आती है। कई बार ऐसे आमों में कोई खुशबू होती ही नहीं है।
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पानी में डूबने का टेस्ट
यह सबसे भरोसेमंद और आसान घरेलू तरीका है। एक बाल्टी में पानी भरें और आमों को उसमें डालें।
- असली आम- अगर आम भारी है और पानी में नीचे बैठ जाता है, तो वह प्राकृतिक रूप से पका है।
- केमिकल वाला आम- अगर आम पानी की सतह पर तैरने लगे, तो समझ लीजिए कि उसे केमिकल से पकाया गया है। केमिकल के कारण आम के अंदर पल्प और शुगर ठीक से विकसित नहीं हो पाते, जिससे वे हल्के रह जाते हैं।
काटने पर अंदर का हिस्सा
जब आप केमिकल से पके आम को काटते हैं, तो वह बाहर से तो नरम लग सकता है, लेकिन अंदर से सख्त, पीला या सफेद निकल सकता है। केमिकल से पका आम रसीला नहीं होता और उसका गूदा रबड़ जैसा महसूस हो सकता है। प्राकृतिक आम पूरी तरह से रसदार होता है और गुठली तक समान रूप से पका होता है।