बिना फ्रिज के भी ऐसे 'चिल' रहते थे हमारे दादा-दादी: आज भी गर्मी को मात देते हैं ये शरबत
आजकल जैसे ही गर्मियां शुरू होती हैं, हम तुरंत एसी और फ्रिज की तरफ भागते हैं। ठंडे पानी या कोल्ड ड्रिंक के बिना हमारा एक दिन भी गुजारना मुश्किल हो जाता ...और पढ़ें

दादा-दादी के इन 6 देसी ड्रिंक्स के आगे आज की हर कोल्ड ड्रिंक है फेल (Image Source: AI-Generated)
HighLights
दादा-दादी के देसी नुस्खे, बिना फ्रिज गर्मी से दिलाते हैं राहत
छाछ, आम पन्ना और सत्तू जैसी 6 ट्रेडिशनल ड्रिंक्स
नेचुरली शरीर को ठंडक पहुंचाती हैं ये ड्रिंक्स
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि जब हमारे दादा-दादी के जमाने में हर घर में फ्रिज नहीं हुआ करता था, तब वे भयंकर गर्मी में भी इतने 'चिल' और तरोताजा कैसे रहते थे? बता दें, उनका सीक्रेट कोई मशीन नहीं, बल्कि रसोई में छिपा उनका देसी ज्ञान था।
वे मिट्टी के घड़े के पानी और कुछ खास प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करते थे, जो शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाती थीं। आज की सोडा और चीनी से भरी कोल्ड ड्रिंक्स के मुकाबले, ये देसी ड्रिंक्स न सिर्फ स्वादिष्ट हैं बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं हैं। आइए जानते हैं उन 6 देसी ड्रिंक्स (Traditional Indian Summer Drinks) के बारे में, जो आज भी भयंकर गर्मी और लू को मात देने का दम रखती हैं।
मटके वाली मसालेदार छाछ

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गर्मियों की दोपहर में अगर मटके में रखी ठंडी-ठंडी छाछ मिल जाए, तो क्या कहने। छाछ यानी मट्ठा पेट की गर्मी को शांत करता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। हमारे बुजुर्ग इसमें भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीते थे। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और भारी खाने को पचाने में भी मदद करता है।
कच्चे आम का पन्ना

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गर्मियों में 'लू' से बचने का सबसे अचूक और पुराना नुस्खा है आम पन्ना। कच्चे आम को उबालकर या भूनकर, उसमें पुदीना, जीरा, काला नमक और थोड़ी सी चीनी या गुड़ मिलाकर इसे तैयार किया जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद पल भर में सारी थकान दूर कर देता है। मटके के पानी में बना आम पन्ना पीकर घर से निकलने पर लू छू भी नहीं पाती।
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एनर्जी से भरा सत्तू का शरबत

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उत्तर प्रदेश और बिहार की यह पारंपरिक ड्रिंक अब पूरे देश में मशहूर हो रही है। भुने हुए चने को पीसकर बना सत्तू शरीर के लिए एक नेचुरल कूलेंट है। इसे पानी में घोलकर, उसमें नींबू, प्याज, हरी मिर्च और नमक मिलाकर एक चटपटा ड्रिंक बनाया जाता है। आप चाहें तो इसमें गुड़ डालकर इसे मीठा भी बना सकते हैं। यह तुरंत एनर्जी देता है और पेट को घंटों तक भरा-भरा महसूस कराता है।
पेट के लिए वरदान बेल का शरबत

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बेल बाहर से जितना सख्त होता है, अंदर से उतना ही मीठा और फायदेमंद। बेल का शरबत शरीर की गर्मी को खींच लेता है और खून को साफ करता है। इसके गूदे को पानी में मसलकर, बिना गैस पर पकाए इसका शरबत बनाया जाता है। यह स्वाद में इतना लाजवाब होता है कि इसके आगे बाहर के सभी डिब्बाबंद जूस फीके लगते हैं।
जलजीरा देता है ताजगी का एहसास

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गर्मी के कारण अक्सर मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है और कुछ खाने का मन नहीं करता। ऐसे में जलजीरा संजीवनी का काम करता है। पुदीना, धनिया, जीरा, अमचूर और काले नमक का यह जादुई मिश्रण पेट की गैस को दूर करता है। मिट्टी के घड़े के ठंडे पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डालकर बना जलजीरा शरीर में एक गजब की ताजगी भर देता है।
गोंद कतीरा और मिश्री का पानी

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यह हमारे बुजुर्गों का एक बहुत ही खास नुस्खा है, जिसे आज की पीढ़ी शायद भूलती जा रही है। गोंद कतीरा देखने में सफेद क्रिस्टल जैसा होता है, जो पानी में भिगोने पर जेली की तरह फूल जाता है। इसकी तासीर बेहद ठंडी होती है। इसे मिश्री मिले मटके के पानी या दूध में डालकर पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और नकसीर जैसी गर्मियों की गंभीर समस्याओं से बचाव होता है।