होली की मिठाई कहीं कर न दे बीमार! मावा और पनीर में मिलावट पकड़ने के लिए अपनाएं ये ट्रिक्स
होली पर मावा और पनीर में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है, जिससे सेहत बिगड़ सकती है। ...और पढ़ें

होली पर सिर्फ 2 मिनट में चेक करें मावा और पनीर की शुद्धता (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। होली, रंगों और खुशियों के साथ-साथ स्वादिष्ट मिठाइयों का भी त्योहार है। बिना गुजिया, गुलाब जामुन और रसमलाई के होली बिल्कुल अधूरी-सी लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि त्योहारों के समय बाजार में असली दिखने वाला मावा और पनीर अक्सर नकली होता है?
त्योहारों पर इनकी मांग बहुत बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में इनमें मैदा, यूरिया, डिटर्जेंट और स्टार्च जैसी चीजें मिला देते हैं। ऐसी मिठाइयां खाने से आपकी और आपके परिवार की सेहत बिगड़ सकती है। हालांकि, आपको घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ बहुत ही आसान और घरेलू ट्रिक्स अपनाकर आप असली और नकली का फर्क चुटकियों में पहचान सकते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
मावा की शुद्धता कैसे जांचें?
गुजिया बनाने के लिए मावा सबसे जरूरी है। इसे खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- हाथों से रगड़कर देखें: थोड़ा सा मावा लें और उसे अपने अंगूठे और हथेलियों के बीच रगड़ें। अगर मावा असली है, तो उसमें से हल्का घी निकलेगा और दूध जैसी मीठी खुशबू आएगी। अगर यह सूखा, दानेदार या रबर जैसा लगे, तो समझ लीजिए इसमें मिलावट है।
- आयोडीन टेस्ट: थोड़ा-सा मावा एक बर्तन में पानी के साथ उबाल लें और इसे ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें मेडिकल स्टोर पर मिलने वाले आयोडीन की दो-तीन बूंदें डालें। अगर मावे का रंग बदलकर नीला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि उसमें मैदा, शकरकंद या स्टार्च की भारी मिलावट की गई है।
- स्वाद और बनावट: असली मावा खाने में हल्का मीठा और जीभ पर पिघलने वाला होता है। अगर मावे का एक छोटा-सा टुकड़ा चबाने पर कड़वाहट लगे या वह दांतों से चिपके, तो इसे बिल्कुल न खरीदें।
असली और नकली पनीर की पहचान कैसे करें?
पनीर के बिना तो त्योहार की दावत पूरी नहीं होती। इसे चेक करने के लिए आप नीचे दिए तरीके आजमा सकते हैं:
- छूकर और दबाकर देखें: असली पनीर बहुत मुलायम होता है और उंगलियों से हल्का सा दबाव डालने पर आसानी से टूटकर बिखर जाता है। वहीं, नकली या सिंथेटिक पनीर रबर की तरह खिंचता है और जल्दी टूटता नहीं है।
- पानी में उबालकर टेस्ट करें: पनीर के कुछ टुकड़ों को पानी में उबालें और फिर ठंडा कर लें। अब इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए, तो इसका मतलब है कि पनीर को गाढ़ा और भारी बनाने के लिए उसमें स्टार्च मिलाया गया है।
- आग पर सेंक कर देखें: पनीर का एक छोटा टुकड़ा लें और उसे हल्की-सी आंच पर रखें। असली पनीर आराम से सिक जाएगा और थोड़ी देर बाद पिघलने लगेगा, लेकिन अगर पनीर नकली है, तो वह प्लास्टिक की तरह जलेगा और उसमें से केमिकल या रबर जलने जैसी अजीब सी बदबू आएगी।
त्योहार का मजा तभी है जब आप और आपका परिवार स्वस्थ रहे। इसलिए, इस होली बाजार से मावा, पनीर या बनी-बनाई मिठाइयां खरीदते समय आंखें खुली रखें।