कालीन ही नहीं, स्वाद का भी गढ़ है उत्तर प्रदेश का भदोही जिला; आपका दिल जीत लेंगे यहां के 5 मशहूर पकवान
उत्तर प्रदेश का भदोही जिला अपने विश्व प्रसिद्ध कालीनों के साथ-साथ स्वादिष्ट खानपान के लिए भी जाना जाता है।

UP के भदोही की गलियों में बसता है देसी स्वाद (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश का भदोही जिला सिर्फ अपने विश्व प्रसिद्ध कालीनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन और स्वादिष्ट खानपान के लिए भी जाना जाता है।
अगर आप खाने के शौकीन हैं, तो भदोही की गलियों में आपको ऐसे कई पारंपरिक व्यंजन मिल जाएंगे, जो किसी का भी दिल जीतने के लिए काफी हैं। आइए इस डिटेल में जानते हैं भदोही के इन खास व्यंजनों के बारे में और समझते हैं कि आखिर ये इतने स्पेशल क्यों हैं।
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ठेकुआ
यह एक कुरकुरा और मीठा पारंपरिक स्नैक है जिसे मुख्य रूप से गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से बनाया जाता है। इसे सांचों में दबाकर एक सुंदर आकार दिया जाता है और फिर डीप फ्राई किया जाता है।
ठेकुआ की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद और इसकी शेल्फ लाइफ है। यह बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। बिना फ्रिज के भी यह कई दिनों तक खराब नहीं होता। छठ पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।
गुजिया
गुजिया एक मीठा पकवान है जिसके बाहर मैदे की एक कुरकुरी परत होती है और अंदर शुद्ध खोया, ड्राई फ्रूट्स और नारियल का लाजवाब मिश्रण भरा होता है।
खासकर होली और दीवाली जैसे त्योहारों की कल्पना गुजिया के बिना अधूरी है। इसकी खासियत इसका 'सरप्राइज एलिमेंट' है। यानी जब आप इसे खाते हैं, तो बाहर का हल्का फीका और कुरकुरा हिस्सा, अंदर की मीठी और मुलायम स्टफिंग के साथ मिलकर एक परफेक्ट स्वाद देता है।
मावा पेड़ा
यह एक बेहद बेहद स्वादिष्ट मिठाई है। इसे शुद्ध दूध को लंबे समय तक उबालकर बनाए गए मावा और चीनी से तैयार किया जाता है, जिसमें हल्की-सी इलायची की खुशबू होती है।
इस पेड़े की खासियत इसका शुद्धपन है। इसमें कोई मिलावट या एक्स्ट्रा फ्लेवर नहीं होता, फिर भी यह मुंह में जाते ही मक्खन की तरह घुल जाता है। इसे आप भदोही की मिठास का असली प्रतीक कह सकते हैं।
दाल पीठा
दाल पीठा एक बहुत ही सेहतमंद और नमकीन डिश है। इसे चावल के आटे से बनाया जाता है, जिसके अंदर मसालेदार चने की दाल भरी जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तला नहीं जाता, बल्कि भाप में पकाया जाता है।
जहां एक तरफ ज्यादातर स्नैक्स तेल में तले होते हैं, वहीं दाल पीठा अपनी हेल्दी कुकिंग के लिए मशहूर है। चावल के आटे की कोमलता और दाल का तीखा-चटपटा स्वाद इसे सुबह के नाश्ते या शाम की चाय के लिए एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प बनाता है।
रबड़ी
रबड़ी दूध को धीमी आंच पर घंटों तक उबालकर बनाई जाने वाली एक गाढ़ी, मलाईदार और मीठी डिश है। दूध के गाढ़ेपन और मलाई के लच्छों से इसका टेक्सचर बहुत ही शानदार हो जाता है।
रबड़ी की खासियत इसका शाही स्वाद और इसे बनाने में लगने वाली मेहनत है। दूध की हर एक परत इसे इतना मलाईदार बनाती है कि यह अपने आप में एक 'कम्फर्ट फूड' बन जाती है। तीखे और मसालेदार खाने के बाद ठंडी-ठंडी रबड़ी खाना किसी जन्नत से कम नहीं लगता।
यही वजह है कि 'एक जनपद-एक व्यंजन' के तहत उत्तर प्रदेश सरकार इन डिशेज को प्रमोट कर रही है, ताकि दुनिया भर के लोग इस अनोखे स्वाद से रूबरू हो सकें।
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