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    बादाम से भी महंगी है ये रेगिस्तानी सब्जी! दिलचस्प है खेजड़ी की फलियों और जंगली बेरी से बनी केर सांगरी का इतिहास

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 03:30 PM (IST)

    सूखे से निकली है मारवाड़ की खास केर सांगरी की सब्जी, आज है 'शाही थाली' की शान। आइए जानें इस पारंपरिक डिश की कहानी। ...और पढ़ें

    केर सांगरी का इतिहास (Image Source: AI Generated)

    केर सांगरी का इतिहास (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। राजस्थान की शान उसका समृद्ध इतिहास और संस्कृति है और इसी इतिहास का हिस्सा है यहां का पारंपरिक खाना। इन्हीं खानपान में आज हम बात करने वाले हैं ट्रेडिशनल डिश केर सांगरी। यह सब्जी राजस्थान खासकर रेगिस्तानी इलाकों में सबसे ज्यादा पॉपुलर है। हालांकि, कई राज्यों में अब केर सांगरी की पैदावार शुरू हो गई है लेकिन इसका इतिहास राजस्थान से ही जुड़ा हुआ है। जब पानी की कमी के चलते राज्य में सूखा पड़ने लगा था तब लोगों ने सब्जियों की जगह केर सांगरी को चुना। आइए जानते हैं राजस्थान के इस शाही फूड का रोचक इतिहास। 

    केर सांगरी का इतिहास 

    केर सांगरी की सब्जी केर नाम की जंगली बेरी और खेजड़ी की फलियों से निकली सांगरी से बनती है। हम सभी जानते हैं कि राजस्थान में भयंकर गर्मी पड़ती है, ऐसे में यह जगह खेती के लिहाज से अनुकूल नहीं। लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच रेगिस्तान में रहने वाले लोगों ने एक नई डिश की खोज कर डाली। केर सांगरी राजस्थानी थाली में परोसे जाने की दूसरी वजह इसकी रेगिस्तानी क्षेत्रों में आसानी से उपलब्धता भी है। 

    कहां से आती है केर सांगरी? 

    केर सांगरी प्राकृतिक रूप से राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में पाई जाती है। केर छोटी गोल आकार की जंगली बेरी हैं जो रेगिस्तान के झाड़ीनुमा पौधों में उगते हैं। वहीं, सांगरी राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों पर उगने वाली लंबी और पतली फलियां हैं। इन दोनों के मिश्रण से ही केर सांगरी बनाई जाती है। 

    खास मौकों पर बनती है यह पारंपरिक सब्जी 

    राजस्थान में तीज-त्योहार और बड़े मौकों पर खासकर शीतला सप्तमी (बसोड़ा) के दिन केर सांगरी बनाए जाने की परंपरा है। इसके बनाए जाने के पीछे मान्यता है कि शीतला सप्तमी के दिन ठंडा खाना खाया जाता है। ऐसे में सप्तमी से एक दिन पहले यानी षष्ठी को सब्जी बनाकर रख ली जाती है। आम दिनों में इसे सादा और मसालेदार बनाया जाता है, पर विशेष दिनों इसमें मेवे भी डाले जाते हैं। 

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    बादाम के भाव बिकती है केर सांगरी 

    सब्जी की शुरुआत भले ही अभाव से हुई हो, पर आज इसकी लोकप्रियता इतनी है कि बाजारों में केर सांगरी बादाम से भी महंगी मिल रही है। इसकी कीमत 1000 प्रति किलो के आसपास है। फिर स्वाद और पौष्टिकता में तो इसका जवाब ही नहीं।

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