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    बिल्ली जैसे जानवर के मल से बनती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी! लाखों में है कीमत

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 05:44 PM (GMT+05:30)

    दुनिया की सबसे महंगी कॉफी कोफी लुवाक को बनाने की प्रक्रिया काफी हैरान करने वाली है। ...और पढ़ें

    लाखों में है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी की कीमत (Picture Courtesy: Freepik)

    लाखों में है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी की कीमत (Picture Courtesy: Freepik)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कॉफी की दुनिया में कोपी लुवाक एक ऐसा नाम है, जो अपने स्वाद के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। इंडोनेशिया में बनने वाली यह कॉफी दुनिया की सबसे महंगी कॉफी में शुमार है, लेकिन आखिर इसमें ऐसा क्या खास है, जो इसके दुनिया की सबसे महंगी कॉफी माना जाता है? आइए जानें इस सवाल का जवाब।

    कोपी लुवाक की कीमत

    कोपी लुवाक की कीमत इसकी शुद्धता और इसके सोर्स पर निर्भर करती है। इसकी कीमत लगभग 100 से 600 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम के बीच होती है। कुछ प्रीमियम वाइल्ड किस्में 1300 अमेरिकी डॉलर प्रति किलो तक भी बिकती हैं। 

    यानी अंदाजा लगाएं, तो भारत में 100 ग्राम कोपी लुवाक की कीमत ₹3,500 से ₹12,000 के बीच हो सकती है, जो इसे भारत की सबसे महंगी कॉफी बनाती है। बड़े शहरों के लग्जरी होटलों में इसके एक कप की कीमत ₹2,000 से ₹5,000 तक हो सकती है।

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    (Picture Courtesy: Freepik)

    इसकी खासियत क्या है?

    कोपी लुवाक अपनी स्मूथनेस के लिए जाना जाता है। इसमें सामान्य कॉफी की तुलना में कड़वाहट बहुत कम होती है। इसका स्वाद भी सामान्य कॉफी की तुलना में काफी रिच और अलग होता है। 

    कैसे बनाई जाती है यह कॉफी?

    कोपी लुवाक का नाम दो शब्दों को जोड़कर दिया गया है। कोपी का मतलब कॉफी होता है और लुवाक इंडोनेशिया में बिल्ली जैसे दिखने वाले एक जानवर को कहा जाता है। इसे बनाने की प्रक्रिया भी इस जानवर से ही जुड़ी है। 

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    दरअसल, पाम एशियन सिवेट बिल्ली जैसा दिखने वाला एक जानवर है, जो जंगलों में सबसे बेहतरीन और पकी हुई कॉफी चेरी चुनकर खाता है। जब चेरी सिवेट के पेट में जाती है, तो इसके बीज पचते नहीं है और डाइजेस्टिव एंजाइम्स के साथ रिएक्ट करते हैं, जिससे इसकी कड़ावहट खत्म हो जाती है।

    सिवेट के मल के साथ ये बीज बाहर निकलते हैं और किसान इन्हें इकट्ठा करते हैं। मल से इन बीजों को अलग किया जाता है और कई बार धोकर सुखाया जाता है और हाई टेम्प्रेचर पर रोस्ट किया जाता है। तब जाकर कोपी लुवाक कॉफी बीन्स तैयार होते हैं।

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    (Picture Courtesy: Freepik)

    इतनी महंगी क्यों है?

    इसकी इतनी मंहगी कीमत होने के पीछे इसे बनाने की प्रक्रिया जिम्मेदार है। दरअसल, जंगली सिवेट के मल से कॉफी बीन्स चुनना और उन्हें तैयार करना काफी मुश्किल प्रक्रिया है। साथ ही, इनकी मात्रा भी काफी सीमित होती है। इसलिए इस कॉफी की कीमत आसमान छूती है। 

    विवाद से भी घिरी है यह कॉफी

    बढ़ती मांग के कारण कई जगहों पर सिवेट बिल्लियों को पिंजरों में बंद कर दिया जाता है और उन्हें जबरदस्ती कॉफी चेरी खिलाई जाती है। इसे पशु क्रूरता माना जाता है। इसीलिए लोग अब केवल Certified Wild कॉफी ही खरीदना पसंद करते हैं, जो और भी ज्यादा महंगी होती है।