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    सही 'तड़का' बदल सकता है आपके खाने का जायका, जानें किस डिश में लगाएं कौन-सा छौंक

    Updated: Tue, 12 Aug 2025 05:05 PM (IST)

    क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही दाल या सब्जी का स्वाद दो अलग-अलग घरों में इतना अलग क्यों होता है? इसका जवाब एक छोटे से शब्द में छिपा है- तड़का! जी हां ...और पढ़ें

    तड़के से दाल-सब्जी कैसे बन जाती है लाजवाब? (Image Source: Freepik)
    तड़के से दाल-सब्जी कैसे बन जाती है लाजवाब? (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. तड़का सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि यह है भारतीय खाने की जान है।
    2. अलग-अलग डिशेज में अलग-अलग तरह का तड़का दिया जाता है।
    3. तड़के में हींग, जीरा, लहसुन और राई जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि दाल का एक निवाला कभी इतना सुकून क्यों देता है, तो कभी बस ‘ठीक-ठाक’ लगता है? इसका जवाब अक्सर प्लेट में नहीं, बल्कि कड़ाही में छिपा होता है। जी हां, उस पल में जब गरम तेल या घी में मसाले छनकते हैं, चटखते हैं और अपनी खुशबू बिखेरते हैं। यही है तड़के का जादू, जो एक साधारण-सी डिश को भी ऐसा स्वाद दे देता है कि जी चाहे एक कटोरी और ले ली जाए।

    भारतीय रसोई में तड़का सिर्फ पकाने की तकनीक नहीं, बल्कि खाने की ‘धड़कन’ है। घी की मखमली महक, सरसों के तेल की तीखी पहचान, कढ़ी पत्ते का ताजापन या लहसुन की गहरी सुगंध- ये सब मिलकर ऐसा असर डालते हैं कि घर के खाने में भी होटल जैसा मजा आ जाता है।

    तड़का क्या है और क्यों है यह इतना खास?

    तड़का सिर्फ गरम तेल या घी में मसाले डालना नहीं है, बल्कि यह एक कला है। यह भोजन को न सिर्फ स्वाद देता है, बल्कि उसकी खुशबू को भी कई गुना बढ़ा देता है। जब जीरा, राई, हींग और लहसुन जैसे मसाले गरम घी या तेल में अपना जादू दिखाते हैं, तो उनकी सुगंध पूरे घर में फैल जाती है, और भूख अपने आप बढ़ जाती है।

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    तड़के में इस्तेमाल होने वाली सामग्री

    • देसी घी का तड़का: दाल मखनी हो या खिचड़ी, देसी घी का तड़का लगाते ही खाने का स्वाद शाही हो जाता है। इसकी सौंधी खुशबू और गहरा स्वाद भोजन को एक नया आयाम देता है।
    • लहसुन और प्याज का तड़का: यह तड़का लगभग हर घर में इस्तेमाल होता है। जब बारीक कटा हुआ लहसुन सुनहरा हो जाए और प्याज नरम हो जाए, तो इसकी मिठास और तीखापन दाल या सब्जी को एक खास स्वाद देता है।
    • हींग का तड़का: हींग सिर्फ खुशबू के लिए नहीं है, बल्कि यह पाचन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। दाल, खासकर अरहर की दाल में, हींग और जीरे का तड़का लगाते ही उसका स्वाद और भी निखर जाता है।
    • राई और कढ़ी पत्ते का तड़का: दक्षिण भारतीय व्यंजनों की पहचान, यह तड़का सांभर, रसम और उपमा में जान डाल देता है। राई के चटखने की आवाज और कढ़ी पत्ते की ताजी खुशबू, खाने को एक नई ताजगी देती है।

    एक तड़के से बदल जाती है पूरी कहानी

    कल्पना कीजिए, आपने एक सिंपल-सी मूंग दाल बनाई है। उसमें सिर्फ नमक और हल्दी है, लेकिन जैसे ही आप उसमें जीरा, हींग, हरी मिर्च और थोड़ा सा घी का तड़का लगाते हैं, वही साधारण दाल एक लजीज पकवान बन जाती है।

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