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    खट्टा-तीखा और जबरदस्त! आखिर क्यों 'पुलिहोरा' के बिना अधूरा है दक्षिण भारतीय जायका?

    Updated: Fri, 01 May 2026 02:38 PM (IST)

    आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध व्यंजन पुलिहोरा, अपने तीखे और चटपटे स्वाद के लिए पूरे भारत में मशहूर है। ...और पढ़ें

    जानिए आंध्र प्रदेश के मशहूर 'पुलिहोरा' के बारे में (Image Source: AI-Generated)

    जानिए आंध्र प्रदेश के मशहूर 'पुलिहोरा' के बारे में (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश का भोजन अपने तीखे और चटपटे जायके के लिए पूरे भारत में मशहूर है। इसी शानदार स्वाद की सबसे बेहतरीन मिसाल है वहां का एक बेहद खास व्यंजन, जिसे 'पुलिहोरा' कहा जाता है।

    आम बोलचाल की भाषा में इसे इमली वाले चावल भी कहा जाता है। खट्टेपन और मसालों का एकदम सटीक तालमेल इस डिश को चावल के बाकी सभी व्यंजनों से बिल्कुल अलग और लाजवाब बनाता है।

    South Indian Tamarind Rice

    (Image Source: AI-Generated) 

    सादगी में छिपा है बेहतरीन स्वाद

    पुलिहोरा की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से पके हुए चावल और इमली के गाढ़े गूदे का इस्तेमाल किया जाता है। इसके स्वाद को और भी खुशबूदार और चटपटा बनाने के लिए इसमें राई, ताजे कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाया जाता है। इन चुनिंदा और साधारण चीजों से मिलकर बना यह व्यंजन अपनी सादगी और स्वाद के कारण हर वर्ग के लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है।

    धार्मिक परंपराओं और आस्था का प्रतीक

    पुलिहोरा सिर्फ जुबान का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह आंध्र प्रदेश की संस्कृति और आस्था से भी बहुत गहराई से जुड़ा हुआ है। राज्य के कई प्रसिद्ध मंदिरों में इसे खास तौर पर 'प्रसाद' के रूप में तैयार किया जाता है और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धापूर्वक बांटा जाता है। इस तरह यह व्यंजन धार्मिक आस्था और पुरानी परंपराओं का एक पवित्र प्रतीक भी बन गया है।

    Authentic Pulihora

    (Image Source: AI-Generated) 

    लंबे सफर का सबसे अच्छा साथी

    स्वाद और आस्था के अलावा, इस व्यंजन की एक और बहुत बड़ी खूबी है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिहोरा लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और जल्दी खराब नहीं होता। यही कारण है कि पुराने समय में जब लोग लंबी यात्राओं पर निकलते थे, तो रास्ते में खाने के लिए इसे अपने साथ बांध कर ले जाना सबसे ज्यादा पसंद करते थे। आज भी अपनी इसी खूबी और स्वाद के कारण यह लोगों का पसंदीदा बना हुआ है।

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