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    क्यों लंगड़ा और तोतापरी कहलाए भारत के मशहूर आम? दिलचस्प है इनके नामों के पीछे की कहानी

    Updated: Thu, 30 Apr 2026 08:01 PM (IST)

    गर्मियों में भारत में कई मशहूर आम की किस्में मिलती हैं, जिनकी अपनी अनूठी कहानी और स्वाद है। ...और पढ़ें

    भारत के 10 मशहूर आमों की दिलचस्प कहानी (Picture Credit- AI Generated)

    भारत के 10 मशहूर आमों की दिलचस्प कहानी (Picture Credit- AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों में लोग भले ही चिलचिलाती धूप और पसीने से परेशान रहते हैं, लेकिन इस मौसम में मिलने वाला आम किसी तोहफे से कम नहीं होता। फलों का राजा आम कई लोगों का पसंदीदा फल होता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आम की कई किस्में पाई जाती है। 

    खुद अपने देश भारत में ही आम की कई किस्मों का स्वाद चखने को मिलता है। भारत में पाए जाने वाले हर आम का अपना एक अलग मिजाज, अपना रंग और अपनी एक खास मिठास होती है। आइए आज आपको बताते हैं भारत के सबसे मशहूर आमों के बारे में:

    हापुस (Alphonso)

    महाराष्ट्र का यह आम दुनिया भर में अपनी बेहतरीन मिठास और खुशबू के लिए जाना जाता है। बिना रेशे वाला यह केसरिया आम सबसे प्रीमियम और महंगी किस्मों में गिना जाता है, जिसकी विदेशों में भी भारी डिमांड है। इसका नाम  पुर्तगाली जनरल अफोंसो डी अल्बुकर्क के नाम पर रखा गया है और इसे GI टैग भी प्राप्त है। 

    दशहरी (Dasheri)

    आम की इस किस्म की उत्पत्ति लखनऊ के पास दशहरी गांव में स्थित एक ही पेड़ से हुई थी। मलिहाबाद भारत के कुल आम उत्पादन का लगभग 70% उत्पादन करता है, जिसमें मुख्य रूप से दशहरी किस्म के आम शामिल हैं। यह आम की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली किस्म है।

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    चौसा (Chausa) 

    आम की यह किस्म उत्तर भारत खासकर बिहार में काफी मशहूर है। इस आम से जुड़ी एक प्रचलित कहानी के मुताबिक इसे 16वीं सदी में शेर शाह सूरी ने सबसे पहले लगाया था। यह अपनी गजब की मिठास और रस के लिए जाना जाता है।

    लंगड़ा (Langra)

    उत्तर प्रदेश के बनारस की शान 'लंगड़ा' आम पकने के बाद भी बाहर से हरे रंग का ही रहता है। इस आम का नाम वाराणसी में सबसे पहले इसकी खेती करने वाले एक लंगड़े पुजारी के नाम पर रखा गया है। जुलाई-अगस्त में मिलने वाला यह आम बेहद रसीला होता है और इसकी फैन-फॉलोइंग बहुत तगड़ी है।

    केसर (Kesar)

    गुजरात के अहमदाबाद और जूनागढ़ से निकला यह आम अपनी हल्की केसरिया महक के लिए मशहूर है। 1931 में पहली बार इसकी खेती नवाबों द्वारा की गई थी। स्वाद में यह हापुस को कड़ी टक्कर देता है और आमरस के लिए सबसे पसंदीदा किस्म है। 

    नीलम (Neelam)

    यह उन कुछ किस्मों में से एक है, जो लगभग हर भारतीय राज्य में उगाई जाती हैं। यह मौसम में सबसे आखिर में पकती है और इसलिए इस आम का मौसम अगस्त तक चलता रहता है, जब बाकी सभी किस्में खत्म हो जाती हैं।

    तोतापरी (Totapuri)

    तोतापरी जैसाकि नाम से पता चलता है, यह आम दिखने में बिल्कुल तोते की चोंच जैसा होता है। इसलिए इसे यह नाम दिया गया है। इसके स्वाद की बात की जाए, तो यह बहुत ज्यादा मीठा नहीं होता। वही वजह है कि इसका इस्तेमाल सलाद, खट्टा-मीठा अचार और चटनी बनाने में होता है।