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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इन साउथ इंडियन फूड्स में होता है दही से भी ज्यादा Probiotics, रोज खाने से शरीर हो जाएगा एकदम दुरुस्त

Published: Wed, 18 Jun 2025 09:58 AM (GMT+05:30)

हमारी डाइजेशन के लिए प्रोबायोटिक्स काफी जरूरी होता है। इसके लिए लोग ज्यादातर दही को अपनी डाइट में शामिल करते ...और पढ़ें

Probiotics से भरपूर इन फूड्स को जरूर करें डाइट में शामिल (Picture Courtesy: Freepik)
Probiotics से भरपूर इन फूड्स को जरूर करें डाइट में शामिल (Picture Courtesy: Freepik)

HighLights

  1. दही को प्रोबायोटिक्स का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है
  2. कुछ साउथ इंडियन फूड्स में दही से ज्यादा प्रोबायोटिक्स होते हैं
  3. प्रोबायोटिक्स पाचन के लिए काफी फायदेमंद होते हैं

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हेल्दी डाइजेशन के लिए प्रोबायोटिक्स (Probiotics) बेहद जरूरी हैं। ये आंत में गुड बैक्टीरियाज को बढ़ावा देते हैं, जो पाचन के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे में अक्सर दही को प्रोबायोटिक्स का सबसे अच्छा सोर्स (Probiotics-Rich Foods) माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कुछ साउथ इंडियन फूड्स (Foods for Probiotics) ऐसे भी हैं, जिनमें दही से ज्यादा प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। इसलिए ये डिशेज सिर्फ स्वाद में अच्छी नहीं होती, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती हैं। आइए जानें इनके बारे में।

इडली-डोसा का फरमेंटेड बैटर

इडली और डोसा साउथ इंडिया का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला नाश्ता है। इन्हें बनाने के लिए चावल और उड़द दाल के मिलाकर बैटर बनाया जाता है और उसे फरमेंट किया जाता है। इस फर्मेंटेशन प्रक्रिया के दौरान लैक्टोबैसिलस जैसे फायदेमंद बैक्टीरिया पनपते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। इसलिए डोसा और इडली को डाइट में शामिल करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

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चावल की कांजी

कांजी चावल को फरमेंट करके बनाया जाता है। इसलिए इसमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया की मात्रा काफी ज्यादा होती है। यह न केवल पाचन को बेहतर बनाता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्सीफाई भी करता है। कांजी को अक्सर गर्मियों में ठंडक देने वाली ड्रिंक के रूप में पिया जाता है, लेकिन ये आपके डाइजेशन के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

अप्पम

अप्पम केरल और तमिलनाडु का एक मशहूर नाश्ता है, जिसे फरमेंटेड चावल के बैटर से बनाया जाता है। इसमें नारियल का दूध और फर्मेंटेड बैटर मिलाया जाता है, जो इसे प्रोबायोटिक्स से भरपूर बनाता है। अप्पम पचने में आसान होता है और गट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है।

मोरु कुजंबु

दक्षिण भारत में छाछ को मसालों और अलग-अलग सब्जियों को मिलाकर एक डिश बनाई जाती है, जिसे "मोरु कुजंबु" कहा जाता है। यह न केवल प्रोबायोटिक्स से भरपूर है, बल्कि इसमें नमक, जीरा और हींग जैसे मसाले मिलाए जाते हैं, जो पाचन को और भी बेहतर बनाते हैं।

कोडुबले

कोडुबले साउथ इंडिया में बनाई जाने वाली एक तरह की फरमेंटेड ब्रेड है, जिसे चावल और दही या छाछ को मिलाकर तैयार किया जाता है। यह प्रोबायोटिक गुणों से भरपूर होती है और पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

पाजम कांजी

यह केरल का एक पारंपरिक ड्रिंक है, जिसे रागी (मंडुआ) या दूसरे मिलेट्स को फरमेंट करके बनाया जाता है।इसमें प्रोबायोटिक्स के साथ-साथ आयरन और कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है, जो इसे सेहत के लिए और ज्यादा फायदेमंद बना देता है।

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