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गंगा घाट ही नहीं, अपनी कचौड़ी के लिए भी मशहूर है बनारस, जानिए क्यों खास है काशी का यह स्वाद

Updated: Wed, 19 Aug 2026 02:33 PM (IST)

बनारसी कचौड़ी अपनी हींग वाली मसालेदार पिट्ठी और खस्ता परत के लिए मशहूर है, जिसे धीमी आंच पर तला जाता है।

बनारस की गलियों में क्यों मचता है कचौड़ी-सब्जी का शोर? (Image Source: Instagram)

बनारस की गलियों में क्यों मचता है कचौड़ी-सब्जी का शोर? (Image Source: Instagram)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बनारस के घाट पर छनती सूरज की पहली किरण, कुल्हड़ वाली कड़क चाय और पत्तल के दोने में तैरती हींग-मसाले वाली सब्जी के साथ गरमागरम बनारसी कचौड़ी... जी हां, अगर बनारस जाकर भी यह कॉम्बिनेशन नहीं चखा, तो आपकी ट्रिप अधूरी ही समझी जाएगी।

बनारसी कचौड़ी का स्वाद कोई मामूली नाश्ता नहीं, बल्कि एक ऐसा एहसास है, जिसकी पहली बाइट लेते ही जुबान बोल उठती है- गुरु, मजा आ गया।

आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि आखिर यहां की कचौड़ी-सब्जी में ऐसा क्या जादू छिपा है, जो दुनिया के चटोरों को अपनी तरफ खींच लाता है।

Varanasi street food

(Image Source: AI-Generated)

क्या बनाता है बनारसी कचौड़ी को इतना खास?

इस कचौड़ी की सबसे बड़ी खूबी इसके अंदर भरी जाने वाली मसालेदार पिट्ठी है। जी हां, यह खास पिट्ठी उड़द या मूंग की दाल को भिगोकर और दरदरा पीसकर तैयार की जाती है, लेकिन इसका असली जादू 'हींग' में छिपा होता है। शुद्ध हींग की तेज, खुशबूदार महक जब भुने हुए जीरे, धनिया और अन्य खड़े मसालों के साथ मिलती है, तो कचौड़ी का स्वाद आसमान छूने लगता है। यही चटपटी पिट्ठी बनारसी कचौड़ी की असली जान है।

स्वाद जो आपको दीवाना बना दे

पिट्ठी के बाद नंबर आता है इसकी बाहरी परत का, जो मैदे या आटे से बनती है। जी हां, बनारस की गलियों में हलवाई इन कचौड़ियों को एकदम धीमी आंच पर बड़े प्यार से तलते हैं। इन्हें तब तक फ्राई किया जाता है, जब तक कि इनका रंग सुनहरा न हो जाए। जब आप इसे हाथ से तोड़ते हैं, तो उस कड़क आवाज के साथ अंदर से निकलने वाली गर्म मसालों की खुशबू सीधे आपके दिल तक पहुंचती है। बाहर से एकदम खस्ता और अंदर से तीखी यह जुगलबंदी कमाल की होती है।

तीखी सब्जी और मीठी जलेबी का साथ

बनारस में कचौड़ी को कभी भी रूखा नहीं खाया जाता। इसके साथ परोसी जाती है बिना लहसुन-प्याज वाली आलू और चने की रसेदार, तीखी सब्जी। पत्तल या कुल्हड़ में जब कुरकुरी कचौड़ी को इस मसालेदार सब्जी के साथ डुबोकर खाया जाता है, तो स्वाद का एक अलग ही धमाका होता है। और हां, इस तीखेपन को बैलेंस करने के लिए अंत में गरमागरम जलेबी खाना बनारसियों का सबसे पसंदीदा काम है।

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