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आम, संतरा, अनार और तरबूज... कुछ फलों में होते हैं सैकड़ों बीज, तो कुछ में सिर्फ एक! आखिर क्या है वजह?

Updated: Tue, 14 Jul 2026 03:48 PM (IST)

जरा सोचिए, जब दुनिया के सारे फल फूलों से ही जन्म लेते हैं, तो फिर ऐसा क्यों है कि किसी ...और पढ़ें

प्रकृति ने आम और तरबूज के बीजों को इतना अलग क्यों बनाया? (Image Source: AI-Generated)

प्रकृति ने आम और तरबूज के बीजों को इतना अलग क्यों बनाया? (Image Source: AI-Generated) 

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समय कम है?

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब हम गर्मियों में तरबूज खाते हैं, तो हर टुकड़े में ढेरों बीज मिलते हैं, लेकिन जब हम आम खाते हैं, तो उसके बीच में से सिर्फ एक बड़ी-सी गुठली निकलती है। क्या आपने कभी सोचा है कि जब सारे फल फूलों से ही बनते हैं, तो बीजों की गिनती में इतना बड़ा अंतर क्यों होता है?

असल में, इसके पीछे पौधों की अपनी-अपनी रणनीति और प्रकृति का एक खास विज्ञान छिपा है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Ovary and Ovule difference

(Image Source: AI-Generated)

अपनी पीढ़ी को बचाने की प्राकृतिक जद्दोजहद

हर बीज के अंदर एक नया पौधा बनने का पूरा सामान मौजूद होता है। प्रकृति चाहती है कि पौधों की प्रजाति बची रहे और आगे बढ़े। इस काम के लिए अलग-अलग पौधों ने समय के साथ अपने-अपने तरीके ईजाद कर लिए हैं:

जो पौधे बहुत सारे छोटे-छोटे बीज बनाते हैं, वे असल में अपना जोखिम कम कर रहे होते हैं। तरबूज का पौधा जानता है कि उसके सारे बीज पेड़ नहीं बन पाएंगे। इसलिए वह सैकड़ों बीज बनाता है ताकि अगर ज्यादातर बीज खराब भी हो जाएं, तब भी कुछ बीजों को अंकुरित होने के लिए सही माहौल मिल ही जाए।

इसके विपरीत, आम का पेड़ एक अलग रास्ते पर चलता है। वह सैकड़ों बीज बनाने के बजाय अपनी पूरी ताकत सिर्फ एक बड़ी गुठली पर लगा देता है। इस बीज के चारों तरफ एक मोटा, गूदेदार फल होता है जो इसे सुरक्षित रखता है। इसके अंदर इतना पोषण जमा होता है कि जब नया पौधा उगना शुरू करता है, तो उसे एक बेहद मजबूत और शानदार शुरुआत मिलती है।

फूल की बनावट से भी तय होता है बीजों का भविष्य

बीज कितने होंगे, यह काफी हद तक पौधे के फूल के अंदरूनी ढांचे पर निर्भर करता है। पॉलिनेशन के प्रोसेस के बाद फूल के अंदर मौजूद छोटे-छोटे हिस्से, जिन्हें 'ओव्यूल' कहा जाता है, बीज में बदल जाते हैं।

  • जिस फूल के अंदर बहुत सारे ओव्यूल होते हैं, उसका फल बीजों से भरा होता है।
  • जिस फूल में सिर्फ एक ओव्यूल होता है, वह एक ही बीज या गुठली वाला फल बनाता है।

इंसानी दखल और 'बिना बीज' वाले फल

आजकल हम बिना बीज वाले अंगूर, केले और तरबूज खूब चाव से खाते हैं, लेकिन ये हमेशा से ऐसे नहीं थे। खेती के नए तरीकों और 'प्लांट साइंस' का इस्तेमाल करके इंसानों ने इन फलों की स्पेशल ब्रीडिंग की है। प्राकृतिक प्रजनन की बजाय, विज्ञान की मदद से इन्हें ऐसा बना दिया गया है कि इनमें बीज या तो बहुत कम होते हैं या बिल्कुल नहीं होते।

फलों के बीजों से जुड़ी कुछ बेहद रोचक बातें

स्ट्रॉबेरी के बीज बाहर होते हैं। स्ट्रॉबेरी का फल अपने बीजों को छिलके के बाहर पहनता है। इसकी सतह पर जो छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, वे असल में इसके बीज ही होते हैं।

एक अनार के अंदर सैकड़ों बीज हो सकते हैं। मजे की बात यह है कि इसका हर एक बीज एक अलग रसदार आवरण से ढका होता है।

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