बिना चाय-कॉफी पिए भी शरीर में पहुंच रहा है कैफीन! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ये चीजें?
अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, लेकिन कैफीन लेने का यही एकमात्र जरिया नहीं है। ...और पढ़ें

चाय-कॉफी के बिना भी शरीर में पहुंच रहा है कैफीन (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
चॉकलेट, दवाएं, सोडा, सप्लीमेंट्स में भी छिपा है कैफीन
अधिक कैफीन से नींद, हृदय गति, चिंता पर असर
बच्चों, गर्भवती महिलाओं के लिए कैफीन की कम मात्रा भी हानिकारक
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नैचुरली कॉफी, चाय और कुछ पौधों में कैफीन पाया जाता है। यह आपको अलर्ट रहने में मदद करता है, इसलिए लोग सुबह-सुबह तरोताजा महसूस करने के लिए इसे लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है फूड, सप्लीमेंट और रोजमर्रा की कई अन्य चीजों में भी कैफीन पाया जाता है?
अगर आप भी क्वालिटी स्लीप लेना चाहते हैं या एंग्जाइटी को दूर करने के लिए कैफीन की मात्रा काउंट करना चाहते हैं तो यह जानना जरूरी है कि यह किनमें पाया जाता है।
कैफीन के होते हैं साइड इफेक्ट्स भी
ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से ना सिर्फ नींद और एनर्जी पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह आपके हार्ट रेट और दवाओं के प्रभाव पर भी असर डालता है। कैफीन के प्रति सेंसिटिव लोग जैसे बच्चे, प्रेग्नेंट महिलाएं और हार्ट पेशेंट में इसकी कम मात्रा भी ज्यादा असर डाल सकती है।
इनमें भी होता है कैफीन
- चॉकलेट और कोका पाउडर
वैसे तो चॉकलेट में कोको बीन्स से नैचुरली कैफीन आता है। इसलिए मिल्क चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में ज्यादा कैफीन होता है। चॉकलेट डेजर्ट और स्नैक्स में भी यह पाया जा सकता है।
- कॉफी या चॉकलेट आइसक्रीम में
कॉफी फ्लेवर आसक्रीम, मोका डेजर्ट, तिरामिसू और एक्सप्रेसो ब्राउनी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है। अगर ऐसी चीजें देर शाम या रात में खाई जाएं तो आपकी नींद प्रभावित हो सकती है।
- ओवर द काउंटर मेडिसिन
कई पेन किलर्स, सर्दी-खांसी और वेट लॉस वाली दवाओं में कैफीन की मात्रा पाई जा सकती है। इसलिए, ऐसी दवाएं लेने से पहले उसका लेबल जरूर चेक करें।
- सिर्फ कोला ही नहीं सोडा में भी कैफीन
कुछ ऑरेंज सोडा या क्लियर सोडा के फ्लेवर को बढ़ाने के लिए कैफीन एड किया जाता है। इतना ही नहीं स्पार्कलिंग वॉटर, हाइड्रेशन ड्रिंक्स में स्वाद बढ़ाने के लिए भी ऐसा किया जाता है। इस तरह के प्रोडक्ट्स के लेबल को पढ़ने से आप अपने कैफीन के इनटेक पर नजर रख सकते हैं।
खबरें और भी
- सप्लीमेंट और हर्बल प्रोडक्ट्स
कॉफी बीन्स, गुआराना, येरबा मेट में प्राकृतिक रूप से कैफीन पाया जाता है। नैचुरल एनर्जी को बढ़ाने के लिए इनका इस्तेमाल कई बार वेट लॉस की दवाओं, वर्कआउट सप्लीमेंट्स में किया जाता है।
- पर्सनल केयर की चीजों में भी होता है कैफीन
लिप बाम जैसी चीजों में भी कैफीन की मात्रा हो सकती हैं। भले ही इनमें कम मात्रा में इस्तेमाल होता हो, लेकिन रोजाना ऐसे प्रोडक्ट्स को यूज करने से मात्रा बढ़ सकती है।
इससे पता चलता है कि कैफीन ज्यादा हो रही है
- सोने में परेशानी या नींद ना आना
- शरीर में कंपन
- ज्यादा एंग्जाइटी या घबराहट
- लगातार सिरदर्द बने रहना
- धड़कनों का अनियमित होना
- सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स की समस्या