क्या सिर्फ धूप में निकलने से आता है हीट स्ट्रोक? लू लगने के पीछे छिपी हैं आपकी ये 5 आम गलतियां
तपती गर्मी में हमारी कुछ मामूली गलतियां भी लू लगने का खतरा बढ़ा सकती हैं। इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। ...और पढ़ें

ये गलतियां बढ़ाती हैं लू का खतरा (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मी का पारा जैसे-जैसे चढ़ता है, वैसे-वैसे सेहत से जुड़ी कई परेशानियां सामने आने लगती हैं। इन सबमें सबसे गंभीर और जानलेवा स्थिति होती है हीट स्ट्रोक, यानी लू लगना। इस स्थिति में शरीर अंदर के तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता और तापमान 104°F या उससे ऊपर पहुंच जाता है।
यह एक जानलेवा स्थिति है, जिससे गर्मी के मौसम में बचकर रहना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग मानते हैं कि सिर्फ बहुत देर तक घूप में जाने से लू लगती है, लेकिन हमारी रोजमर्रा की कुछ गलतियां भी हमें इसका शिकार बना सकती हैं। आइए, अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. मोहित शर्मा से जानते हैं इन्हीं गलतियों के बारे में।
प्यास लगने का इंतजार करना
गर्मियों में हमारी सबसे बड़ी गलती यह होती है कि हम तब तक पानी नहीं पीते जब तक कि गला पूरी तरह सूख न जाए। तेज गर्मी में शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए लगातार पसीना बहाना पड़ता है, जिससे पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं। अगर आप भरपूर मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं, तो शरीर पसीना बनाना बंद कर देता है, जिससे अंदर का तापमान बढ़ता है और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
दोपहर के समय भारी वर्कआउट
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस दौरान खुली धूप में दौड़ना, हैवी एक्सरसाइज करना या मजदूरी जैसे काम करना सीधे तौर पर हीट स्ट्रोक को बुलावा देना है। जब बाहर का तापमान पहले से ही बहुत ज्यादा हो और आप अंदरूनी रूप से भी शरीर पर दबाव डालते हैं, तो बॉडी का कूलिंग सिस्टम क्रैश हो जाता है।
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गलत कपड़े चुनना
गर्मियों में फैशन के चक्कर में सिंथेटिक, नायलॉन या गहरे रंग के टाइट कपड़े पहनना एक और बड़ी गलती है। गहरे रंग सूरज की गर्मी को सोखते हैं और सिंथेटिक कपड़े पसीने को सूखने नहीं देते। जब पसीना हवा के संपर्क में आकर सूख नहीं पाता, तो शरीर अंदर से ठंडा नहीं हो पाता।
चाय, कॉफी और शराब पीना
कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी बीयर या फिर सुस्ती भगाने के लिए बार-बार चाय-कॉफी पीते हैं। शराब, कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स डाईयूरेटिक होते हैं, यानी इनसे यूरिन ज्यादा आता है। इसके कारण शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
बंद और खड़ी कार में बैठना या किसी को छोड़ना
धूप में खड़ी कार एक भट्टी की तरह काम करती है। महज 10 से 15 मिनट के भीतर बंद कार का तापमान बाहर के तापमान से 20 डिग्री तक ज्यादा बढ़ सकता है। ऐसी खड़ी गाड़ी में बैठना या बच्चों और पालतू जानवरों को छोड़ना बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।