यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेकंड हार्ट कहलाते हैं काफ मसल्स, इन्हें मजबूत बनाए रखने के लिए करें ये 5 सिंपल एक्सरसाइज
पैरों की पिंडलियां यानी काफ मसल्स को हमारे शरीर का दूसरा हार्ट कहा जाता है। काफ मसल्स को सेकंड हार्ट कहने के पीछे कई कारण हैं और यह हमारे हार्ट के लिए ...और पढ़ें

HighLights
- काफ मसल्स को सेकंड हार्ट कहा जाता है
- इसे मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी है
- काफ मसल्स ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि काफ मसल्स यानी पैरों की पिंडली की मांसपेशियों को सेकंड हार्ट (Second Heart) कहा जाता है? यह सुनने में थोड़ा हैरान करने वाला लग सकता है कि भला इसे सेकंड हार्ट क्यों कहा जाता है। लेकिन यह सच है और इसे यह नाम देने के पीछे बहुत बड़ी वजह भी है।
आइए जानते हैं कि काफ मल्स को सेकंड हार्ट क्यों कहा जाता है और इन्हें मजबूत बनाने के लिए कौन-सी एक्सरसाइज (Exercises for Strong Calf Muscles) फायदेमंद हो सकती हैं।
क्यों कहा जाता है काफ मसल्स को सेकंड हार्ट?
- ब्लड सर्कुलेशन में मदद करती हैं- हमारा दिल शरीर में ब्लड सर्कुलेट करने का काम करता है, लेकिन पैरों से वापस ऊपर की ओर ब्लड लाने के लिए एक्स्ट्रा मदद की जरूरत होती है। काफ मसल्स कॉन्ट्रेक्शन और एक्सपैंशन के जरिए वेनस रिटर्न यानी खून वापस जाने की प्रक्रिया में मदद करती हैं।
- हार्ट पर दबाव कम करती हैं- अगर काफ मसल्स कमजोर हों, तो दिल को पैरों से ब्लड वापस खींचने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। मजबूत काफ मसल्स दिल पर इस एक्स्ट्रा प्रेशर को कम करके कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को बेहतर बनाती हैं।
- लंबे समय तक खड़े रहने में सहायक- जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं, उनके लिए काफ मसल्स का मजबूत होना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये मसल्स शरीर का बैलेंस बनाए रखने और थकान को कम करने में मदद करती हैं।
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काफ मसल्स को मजबूत बनाने के लिए एक्सरसाइज
स्टैंडिंग काफ रेज
- सीधे खड़े होकर पैरों के अंगूठों पर उठें और फिर धीरे-धीरे नीचे आएं।
- इस एक्सरसाइज से काफ मसल्स की स्ट्रेंथ और टॉलिरेंस बढ़ती है।
सिटिंग काफ रेज
- कुर्सी पर बैठकर घुटनों पर वजन रखें और पैरों के पंजों को ऊपर-नीचे उठाएं।
- यह सोलियस मसल को टारगेट करता है, जो लंबे समय तक एक्टिव रहती है।
फॉरवर्ड लंजेस
- एक पैर आगे रखकर घुटने मोड़ें और फिर वापस सीधे हो जाएं।
- यह एक्सरसाइज काफ मसल्स के साथ-साथ जांघों और ग्लूट्स को भी मजबूत करती है।
जंपिंग जैक्स
- पैरों को फैलाकर कूदें और हाथों को ऊपर ले जाएं।
- काफ मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी और स्टैमिना बढ़ाता है।
डाउनवर्ड डॉग काफ स्ट्रेच
- इस एक्सरसाइज में हाथ और पैर जमीन पर रखकर शरीर को 'V' आकार में खींचें और एड़ियों को जमीन की ओर दबाएं।
- यह काफ मसल्स को स्ट्रेच करके उन्हें फ्लेक्सिबल बनाता है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।