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    फिट दिखने और जिम जाने वालों को नहीं आता दिल का दौरा? जानें हार्ट अटैक के इन 8 मिथकों की सच्चाई

    Updated: Thu, 14 May 2026 03:34 PM (IST)

    आज भी लोग हार्ट अटैक से जुड़े कई मिथकों पर यकीन करते हैं। ये गलत जानकारियां हार्ट अटैक की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती हैं। ...और पढ़ें

    हार्ट अटैक से जुड़े मिथक हो सकते हैं जानलेवा (Picture Courtesy: Freepik)

    हार्ट अटैक से जुड़े मिथक हो सकते हैं जानलेवा (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। बदलती लाइफस्टाइल का सीधा असर हमारे दिल पर हो रहा है, जिसके कारण हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।

    हालांकि, इससे भी खतरनाक बात यह है कि लोग हार्ट अटैक से जुड़ी कई गलत जानकारियों और मिथकों को सच मानते हैं।इससे इलाज में देरी होती है और स्थिति जानलेवा बन जाती है। इसलिए हार्ट अटैक के मिथकों की सच्चाई जानना काफी जरूरी है। इस बारे में जागरूकता फैलाने के लिए डॉ. सुधीर कुमार ने हार्ट अटैक के कुछ मिथकों की सच्चाई बताई। आइए जानें इस बारे में।

    मिथक- हार्ट अटैक अचानक आता है, इसका कोई संकेत नहीं मिलता।

    फैक्ट- ज्यादातर मामलों में हार्ट अटैक आउट ऑफ द ब्लू नहीं आता। शरीर घंटों, दिनों या हफ्तों पहले से चेतावनी देने लगता है। सीने में दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, जबड़े या हाथ में दर्द और अचानक पसीना आना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    मिथक- हार्ट अटैक केवल बुजुर्गों को होता है।

    फैक्ट- अब यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हो चुकी है। खराब नींद, तनाव, स्मोकिंग, डायबिटीज और एक्सरसाइज न करने के कारण अब 30 से 40 वर्ष के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

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    मिथक- गंभीर दर्द ही हार्ट अटैक है, हल्का दर्द नहीं।

    फैक्ट- दर्द कितना तेज है, इससे खतरे का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। खासकर डायबिटीज के मरीजों और बुजुर्गों में केवल हल्का भारीपन, जलन या बेचैनी भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकती है। 

    मिथक- दर्द हमेशा सीने के बाईं ओर ही होता है।

    फैक्ट- हार्ट अटैक का दर्द सीने के बीचों-बीच, जबड़े, गर्दन, पीठ, कंधों या दोनों हाथों में भी हो सकता है। कुछ लोगों को बिना किसी सीने के दर्द के केवल सांस फूलना या जी मचलने जैसा महसूस होता है।

    Heart Attack Symptoms (1)

    मिथक- कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल है तो हार्ट अटैक का खतरा नहीं है।

    फैक्ट- नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सुरक्षा की गारंटी नहीं है। स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर, पेट का मोटापा, जेनेटिक्स और सूजन जैसे फैक्टर्स कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल होने पर भी अटैक का कारण बन सकते हैं।

    मिथक- महिलाओं को हार्ट अटैक नहीं आता।

    फैक्ट- महिलाओं में हार्ट डिजीज मौत के सबसे अहम कारणों में से एक है। अक्सर महिलाओं में इसके लक्षण अलग होते हैं, जैसे बहुत ज्यादा थकान, चक्कर आना या पीठ दर्द, जिसे वे कमजोरी समझकर टाल देती हैं।

    मिथक- फिट दिखने वाले जिम जाने वाले लोगों को खतरा नहीं है।

    फैक्ट- बाहरी फिटनेस इस बात का प्रमाण नहीं कि शरीर अंदर से भी स्वस्थ है। ज्यादा तनाव, नींद की कमी, स्टेरॉयड लेने या जेनेटिक कारणों से एक एथलीट या दुबला-पतला व्यक्ति भी इसका शिकार हो सकता है।

    मिथक- सीने में दर्द होने पर आराम करना काफी है।

    फैक्ट- यह सबसे खतरनाक मिथक है। हार्ट अटैक के मामले में एक-एक सेकंड कीमती है। इलाज में देरी दिल को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए सीने में दर्द महसूस होने पर बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।