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    दांतों का पीलापन और झनझनाहट कहीं Fizzy Drink की देन तो नहीं? डेंटिस्ट ने बताया कैसे होता है नुकसान

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 02:33 PM (IST)

    डॉ. प्रेयस गायकवाड़ के अनुसार, कार्बोनेटेड और फिजी ड्रिंक्स दांतों को दो तरह से नुकसान पहुंचाते हैं। ...और पढ़ें

    कार्बोनेटेड वॉटर दांतों के लिए कैसे नुकसानदेह? (Image Source: AI-Generated)

    कार्बोनेटेड वॉटर दांतों के लिए कैसे नुकसानदेह? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल सोडा, स्पार्कलिंग वॉटर या एनर्जी ड्रिंक्स हमारी लाइफस्टाइल का एक आम हिस्सा बन गई हैं। चिलचिलाती धूप हो या दोस्तों के साथ पार्टी, एक ठंडी कार्बोनेटेड ड्रिंक सबको रिफ्रेश कर देती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ड्रिंक आपकी खूबसूरत मुस्कान को हमेशा के लिए फीका कर सकती है?

    पुणे के डॉ. गायकवाड़ डेंटल क्लिनिक के संस्थापक और डेंटिस्ट, डॉ. प्रेयस गायकवाड़ के अनुसार, कार्बोनेटेड वॉटर और फिजी ड्रिंक्स मुख्य रूप से दो बड़े तरीकों से हमारी ओरल हेल्थ को बर्बाद करते हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

    Fizzy Drinks

    (Image Source: AI-Generated) 

    एसिड का सीधा हमला

    ज्यादातर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का पीएच लेवल काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि वे स्वभाव से जरूरत से ज्यादा 'एसिडिक' होते हैं। विज्ञान के अनुसार, जब हमारे मुंह का पीएच लेवल 5.5 से नीचे गिर जाता है, तो दांतों की सबसे बाहरी और मजबूत सुरक्षा परत- जिसे 'इनेमल' कहते हैं, धीरे-धीरे घुलने लगती है।

    • कार्बोनिक एसिड का असर: इस ड्रिंक में जो बुलबुले होते हैं, उनसे कार्बोनिक एसिड बनता है। भले ही यह हल्का हो, लेकिन यह मुंह के पीएच को काफी कम कर देता है।
    • खतरनाक एक्स्ट्रा एसिड: कई सोडा ड्रिंक्स में फॉस्फोरिक, साइट्रिक या मैलिक एसिड भी ऊपर से मिलाया जाता है। ये एसिड दांतों के इनेमल को और भी तेजी से गलाते हैं।

    क्या होता है नतीजा?

    लगातार एसिड के संपर्क में रहने से दांत धीरे-धीरे घिसने लगते हैं और उनमें ठंडा-गरम लगने यानी सेंसिटिविटी की परेशानी शुरू हो जाती है। इतना ही नहीं, जब सफेद इनेमल घिस जाता है, तो दांतों के अंदर की पीली परत जिसे 'डेंटिन' कहते हैं, वह बाहर दिखने लगती है और आपके दांत पीले नजर आने लगते हैं।

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    Fizzy Drinks disadvantages

    (Image Source: AI-Generated) 

    शुगर से कैविटी का खतरा

    अगर आप शुगरी कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पी रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आपके दांतों पर दोहरा खतरा मंडरा रहा है। जी हां, डॉक्टर बताते हैं कि दूसरा सबसे बड़ा नुकसान इन ड्रिंक्स में मौजूद भारी मात्रा में शुगर से होता है।

    • बैक्टीरिया को दावत: हमारे मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। जब हम मीठा सोडा पीते हैं, तो ये बैक्टीरिया उस शुगर को खाकर एक नया एसिड बनाते हैं, जो दांतों को सीधा नुकसान पहुंचाता है।
    • कैविटी का खतरा: सोडा या एनर्जी ड्रिंक में मौजूद लिक्विड शुगर दांतों की सतह पर आसानी से चिपक जाती है। यह दांतों के बीच की बारीक जगहों और गहराई तक पहुंच जाती है। वहां लंबे समय तक टिके रहने के कारण, यह बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ने का पूरा मौका देती है। इसी वजह से दांतों में भयंकर सड़न और कैविटी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    इस जानकारी से साफ है कि कार्बोनेटेड वॉटर और अन्य फिजी ड्रिंक्स का नियमित रूप से सेवन करना आपके दांतों की मजबूती और सेहत दोनों को दीमक की तरह धीरे-धीरे खोखला कर रहा है। अपनी स्वस्थ और चमकदार मुस्कान को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए, इन ड्रिंक्स से होने वाले नुकसान को समझना बेहद जरूरी है।

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