क्या दादी-नानी के हर नुस्खे होते हैं असरदार? ये 8 चीजें बच्चे की सेहत को पहुंचा सकती हैं नुकसान
इस आर्टिकल में आप बच्चों की सेहत से जुड़ी 8 गलतियों के बारे में जानेंगे, जिन्हें भारतीय माता-पिता अक्सर अपनाते हैं। ...और पढ़ें

बच्चों की सेहत बिगाड़ सकती हैं पेरेंट्स की ये 8 गलतफहमियां (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी चाहते हैं कि हमारे बच्चे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। इसके लिए हम अक्सर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही बातों और नुस्खों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि परवरिश से जुड़ी हमारी कुछ 'नॉर्मल' दिखने वाली आदतें असल में बच्चों की सेहत को चुपचाप भारी नुकसान पहुंचा रही हैं?
दिल्ली के निर्माण विहार स्थित रेडिक्स हेल्थकेयर के चेयरमैन और जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. रवि मलिक के अनुसार, भारत में आज भी बच्चों की सेहत से जुड़े कई ऐसे मिथक हैं, जिन्हें लोग सच मानकर फॉलो कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम इन पुरानी धारणाओं पर सवाल उठाएं। आइए जानते हैं उन 8 आम गलतियों के बारे में जिन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है।

(Image Source: AI-Generated)
डायरिया में खाने-पीने पर रोक लगाना
जब बच्चों का पेट खराब होता है या उन्हें डायरिया होता है, तो अक्सर माता-पिता उनका खाना-पीना कम कर देते हैं या बंद कर देते हैं। यह एक बहुत बड़ा मिथक है। बीमारी के दौरान खाने पर रोक लगाना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
ADHD के शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करना
कई बार बच्चे बहुत ज्यादा चंचल होते हैं या किसी चीज पर ध्यान नहीं लगा पाते हैं। माता-पिता अक्सर इसे बच्चे की सामान्य शरारत मानकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि यह 'एडीएचडी' जैसी समस्या के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।
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चिकनपॉक्स और खसरे का इलाज न कराना
हमारे समाज में आज भी यह पुरानी सोच कायम है कि चिकनपॉक्स या खसरा होने पर डॉक्टर से इलाज नहीं कराना चाहिए। यह अंधविश्वास बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए काजल लगाना
नवजात बच्चों की आंखों में काजल लगाना भारत के हर घर में बहुत आम बात है। ऐसा माना जाता है कि इससे बच्चे की आंखों की रोशनी बढ़ती है और आंखें सुंदर होती हैं, जबकि चिकित्सा विज्ञान की नजर में यह सिर्फ एक भ्रम है।
सर्दियों में जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाना
ठंड के मौसम में बच्चों को बचाए रखने के लिए माता-पिता उन्हें कपड़ों की कई परतों में लपेट देते हैं। जरूरत से ज्यादा कपड़े पहनाना बच्चे के आराम और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
टीकाकरण में देरी करना
कुछ माता-पिता बच्चों को लगने वाले जरूरी टीकों के प्रति लापरवाही बरतते हैं और उनमें देरी कर देते हैं। वैक्सीन में देरी करना बच्चे के सुरक्षा चक्र को कमजोर करता है।
दांत निकलते समय तेज बुखार आने की बात सच मानना
अक्सर घरों में यह मान लिया जाता है कि जब बच्चे के दांत निकलते हैं, तो उसे तेज बुखार आना एक सामान्य बात है। यह एक बहुत बड़ा मिथक है। इस गलतफहमी के कारण अक्सर बच्चे की असली बीमारी छिप जाती है।
बच्चे को जबरदस्ती खाना खिलाना
ज्यादातर माता-पिता को लगता है कि बच्चे को जबरदस्ती ठूंस-ठूंस कर खिलाने से ही वह सेहतमंद बनेगा। सच्चाई यह है कि जबरदस्ती खाना खिलाने से बच्चा स्वस्थ नहीं होता, बल्कि यह उसकी सेहत पर उल्टा असर डालता है।
डॉ. रवि मलिक की सलाह है कि बच्चों की सेहत और परवरिश के मामले में हमें इन पुरानी और गलत धारणाओं से बाहर निकलना चाहिए। बच्चों को एक स्वस्थ भविष्य देने के लिए इन मिथकों को तोड़ना और सही जानकारी अपनाना बेहद जरूरी है।