30 की उम्र के करीब हैं? डॉक्टर बोले- जरूर करवा लें 5 हेल्थ टेस्ट, बीमारियों से होगा बचाव
30 वह उम्र है जब जिंदगी की गाड़ी पूरी रफ्तार में होती है लेकिन इंजन में कुछ बारीक गड़बड़ियां शुरू हो सकती हैं जिनके बारे में आपको पता भी नहीं चलता। जी हा ...और पढ़ें

HighLights
- 30 के बाद सेहत की 'मेंटेनेंस' पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है।
- कुछ हेल्थ चेक-अप करवाकर आप गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।
- 30 की उम्र के बाद ये हेल्थ टेस्ट आपकी 'टू-डू' लिस्ट में होने चाहिए।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 30 साल की उम्र जिंदगी का एक अहम पड़ाव होता है। यह वो समय है जब आप अपने करियर और पर्सनल लाइफ में बिजी हो जाते हैं, लेकिन अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही वो समय भी है जब शरीर में कुछ बदलाव आने लगते हैं और कुछ बीमारियां धीरे-धीरे अपना घर बनाने लगती हैं।
इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि आप इस उम्र में अपनी सेहत के प्रति जागरूक हों और नियमित रूप से कुछ जरूरी मेडिकल टेस्ट करवाते रहें। डॉक्टर तरंग कृष्णा के अनुसार, 30 के बाद हर किसी को कुछ खास हेल्थ टेस्ट (Preventive Health Checkup For 30s) जरूर करवाने चाहिए ताकि भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। आइए जानते हैं ऐसे 5 जरूरी टेस्ट।
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ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल
बढ़ता ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल साइलेंट किलर कहे जाते हैं। इनके शुरुआती लक्षण नहीं होते, लेकिन ये दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं। 30 के बाद, तनाव, गलत खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण ये दोनों बढ़ सकते हैं। इसलिए, नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं और कोलेस्ट्रॉल लेवल का पता लगाने के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (Lipid Profile Test) कराएं।
ब्लड शुगर
आजकल की तनाव भरी और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण डायबिटीज कम उम्र में भी लोगों को अपना शिकार बना रही है। अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है, या आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आपको खास तौर पर ब्लड शुगर की जांच करवानी चाहिए। खाली पेट और खाने के बाद ब्लड शुगर की जांच से पता चल सकता है कि आप प्री-डायबिटिक हैं या नहीं, जिससे आप समय रहते जरूरी बदलाव कर सकते हैं।
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लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट
लिवर और किडनी शरीर के दो सबसे जरूरी अंग हैं। ये शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करते हैं। शराब, खराब खान-पान और दवाओं के गलत इस्तेमाल से लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) से इन अंगों की सेहत का पता चलता है, जिससे किसी भी समस्या का शुरुआती चरण में ही इलाज किया जा सकता है।
विटामिन-D और B12
भारत में ज्यादातर लोग विटामिन डी और बी12 की कमी से जूझ रहे हैं। विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाता है और इम्युनिटी बढ़ाता है, जबकि विटामिन बी12 नर्वस सिस्टम और रेड ब्लड सेल्स के लिए बहुत जरूरी है। इन दोनों की कमी से थकान, हड्डियों में दर्द और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर की सलाह पर इन विटामिन्स की जांच जरूर कराएं।
कैंसर स्क्रीनिंग
कैंसर का शुरुआती अवस्था में पता चलने पर इलाज की संभावना बहुत बढ़ जाती है। 30 के बाद कुछ खास कैंसर के टेस्ट्स करवाना भी जरूरी हो जाता है:
महिलाओं के लिए:
- पैप स्मीयर: यह सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है।
- ब्रेस्ट एग्जाम: डॉक्टर से नियमित ब्रेस्ट एग्जामिनेशन करवाएं और खुद भी गांठ की जांच करें।
पुरुषों के लिए:
- पीएसए (PSA): यह प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए किया जाता है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी टेस्ट आपकी पर्सनल हेल्थ सिचुएशन्स, फैमिली हिस्ट्री और लाइफस्टाइल पर निर्भर करते हैं। इसलिए, किसी भी टेस्ट को करवाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, क्योंकि एक स्वस्थ शरीर ही सफल और खुशहाल जीवन की नींव है।