कहीं आंखों को नुकसान तो नहीं पहुंचा रही आई ड्रॉप? डॉक्टर समझा रहे हैं कैसे पहचानें साइड इफेक्ट्स
डॉक्टर का कहना है कि आई ड्रॉप्स के साइड इफेक्ट्स को समय पर पहचानना बेहद जरूरी है। ...और पढ़ें

आई ड्रॉप्स के साइड इफेक्ट्स को कैसे पहचानें? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारी आंखों में जब भी कोई दिक्कत होती है- जैसे एलर्जी, इन्फेक्शन, ड्राई आई या ग्लूकोमा, तो इलाज के लिए सबसे पहले आई ड्रॉप्स का ही सहारा लिया जाता है। वैसे तो ये दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन कुछ मामलों में इनके साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं।
आइए, डॉ. शरून शितोले से आसान शब्दों में समझते हैं कि आई ड्रॉप डालने के बाद होने वाले कौन-से लक्षण बिल्कुल नॉर्मल हैं और कब आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

(Image Source: Freepik)
क्या नॉर्मल है और क्या नहीं?
जब आप आंखों में दवा डालते हैं, तो कुछ सेकंड के लिए हल्की जलन, चुभन या धुंधलापन महसूस होना एकदम आम बात है। इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर यह जलन लंबे समय तक बनी रहे या हर बार ड्रॉप डालने पर तेज दर्द महसूस हो, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
आंखों का बहुत ज्यादा लाल हो जाना, सूजन आना, लगातार पानी बहना या पलकों पर खुजली होना- ये सब दवा से होने वाली एलर्जी या सेंसिटिविटी के साफ संकेत हो सकते हैं।
लंबे इस्तेमाल और स्टेरॉयड के खतरे
क्या आप जानते हैं कि कुछ आई ड्रॉप्स का ज्यादा इस्तेमाल आपकी परेशानी बढ़ा सकता है?
- प्रिजर्वेटिव्स वाली ड्रॉप्स: जिन आई ड्रॉप्स में प्रिजर्वेटिव्स (दवा को लंबे समय तक खराब होने से बचाने वाले तत्व) होते हैं, उनका बहुत लंबे समय तक इस्तेमाल करने से आंखों का सूखापन और ज्यादा बढ़ सकता है।
- स्टेरॉयड वाली ड्रॉप्स: अगर स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल बिना डॉक्टर की निगरानी के किया जाए, तो इससे आंखों का दबाव बढ़ सकता है, जिससे ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का खतरा पैदा हो जाता है। इसलिए, ऐसी दवाएं हमेशा डॉक्टर की सलाह से और तय समय के लिए ही इस्तेमाल करनी चाहिए।
गंभीर लक्षण, जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज न करें
कुछ मामलों में साइड इफेक्ट्स सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं रहते। अगर आई ड्रॉप का इस्तेमाल करने के बाद आपको सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो यह एक बहुत गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देर किए तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
बच्चों, बुजुर्गों और जिन्हें पहले से आंखों की कोई बीमारी है, उन्हें आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
साइड इफेक्ट्स से बचाव के आसान तरीके
इन साइड इफेक्ट्स से बचने और दवा का सही फायदा उठाने के लिए इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
- दवा डालने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें।
- ध्यान रखें कि ड्रॉपर का सिरा आपकी आंख, पलकों या त्वचा को बिल्कुल न छुए।
- डॉक्टर ने जितनी मात्रा बताई है, उससे ज्यादा दवा का इस्तेमाल न करें।
किसी भी असामान्य लक्षण को कभी भी नजरअंदाज न करें और समय रहते अपने आई स्पेशलिस्ट से सलाह लें। सही जानकारी और थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर, आप आई ड्रॉप्स का सुरक्षित और असरदार तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
खबरें और भी
- डॉ. शरून शितोले (नेत्र रोग विशेषज्ञ, नेत्र सर्जन और प्रबंध निदेशक, वेंसर हॉस्पिटल, पुणे) से बातचीत पर आधारित
यह भी पढ़ें- प्रीमैच्योर बच्चों में आंखों की रोशनी छीन सकती है ये 'साइलेंट' बीमारी, बेहद नाजुक हैं शुरुआती 30 दिन
यह भी पढ़ें- सुबह उठते ही न देखें मोबाइल, डॉक्टर ने बताए मॉर्निंग Eye Care के 5 नियम; आंखों की थकान रहेगी दूर