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    'जीरो शुगर' ड्रिंक्स पीना सेफ या सेहत के लिए हैं मीठा जहर? कैंसर स्पेशलिस्ट ने बताई इनकी सच्चाई

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 10:41 AM (IST)

    आजकल 'जीरो शुगर' या 'डाइट' ड्रिंक्स, लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। जीरो शुगर और जीरो कैलोरी लेबल की वजह से लोग इन्हें हेल्दी भी मानते हैं, लेकिन असल मे ...और पढ़ें

    क्या आप भी 'जीरो शुगर' को हेल्दी मानते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्या आप भी 'जीरो शुगर' को हेल्दी मानते हैं? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में जब फिटनेस और वजन कम करना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, बाजार में 'जीरो शुगर', 'डाइट' या 'शुगर-फ्री' लेबल वाले ड्रिंक्स की बाढ़ आ गई है। पहली नजर में ये ड्रिंक्स किसी वरदान की तरह लगते हैं, मिठास का पूरा मजा और कैलोरी की कोई टेंशन भी नहीं। लेकिन क्या वाकई ये सेहत के लिए अच्छे हैं?

    इस बारे में डॉ. तरंग कृष्णा जो बता रहे हैं, वो बिल्कुल अलग और चिंताजनक है। आइए, गहराई से समझते हैं कि इन 'जीरो शुगर' ड्रिंक्स की हकीकत क्या है।

    आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का खेल

    जीरो शुगर ड्रिंक्स में चीनी की जगह आर्टिफिशियल स्वीटनर्स, जैसे- एस्पार्टेम और सुक्रालोज का इस्तेमाल किया जाता है। ये तत्व चीनी से सैकड़ों गुना ज्यादा मीठे होते हैं और इनमें नाम मात्र की कैलोरी होती है।

    हालांकि, ये कैलोरी बचाते हैं, लेकिन ये हमारे दिमाग को कन्फ्यूज कर देते हैं। जब हम कुछ मीठा पीते हैं, तो शरीर कैलोरी की उम्मीद करता है। जब कैलोरी नहीं मिलती, तो शरीर को और ज्यादा मीठा या हाई-कैलोरी खाना खाने की तलब होने लगती है।

     
     
     
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    इंसुलिन और मेटाबॉलिज्म पर प्रभाव

    भले ही इन ड्रिंक्स में असली चीनी न हो, लेकिन इनकी मिठास शरीर के इंसुलिन रिस्पॉन्स को प्रभावित कर सकती है। कुछ शोध बताते हैं कि नियमित रूप से आर्टिफिशियल स्वीटनर्स शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को धीमा कर सकता है, जिससे भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है

    गट हेल्थ को नुकसान

    हमारा पेट कई गुड बैक्टीरिया का घर है, जो हमारे स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करते हैं। 'जीरो शुगर' वाले ड्रिंक्स में मौजूद केमिकल पेट के इन गुड बैक्टीरिया के बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं। जब पेट का स्वास्थ्य खराब होता है, तो इसका सीधा असर पाचन, मूड और यहां तक कि त्वचा पर भी पड़ता है।

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    कैंसर का खतरा

    साल 2023 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन एक वॉर्निंग जारी की थी, जिसके अनुसार लंबे समय तक आर्टिफिशियल शुगर लेने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है

    इनके हेल्दी ऑप्शन क्या हैं?

    • नींबू पानी- बिना चीनी या थोड़े से शहद के साथ।
    • नारियल पानी- इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर और पूरी तरह नेचुरल।
    • हर्बल टी या ब्लैक कॉफी- इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
    • इन्फ्यूज्ड वाटर- पानी में खीरा, पुदीना या फलों के टुकड़े डालकर उसे रिफ्रेशिंग बनाएं।