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    ऑस्ट्रेलिया की बड़ी खोज, हेपेटाइटिस बी की जांच अब होगी आसान, मिलेगी लैब टेस्टिंग जैसी सटीकता

    Updated: Thu, 12 Feb 2026 08:46 AM (IST)

    एक नए अध्ययन से पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट मानक लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है। यह परीक्षण एक घंटे के भीतर पर ...और पढ़ें

    हेपिटाइटिस बी की पहचान के लिए दुनिया का पहला फिंगर टेस्टिंग (Picture Courtesy: Freepik)

    हेपिटाइटिस बी की पहचान के लिए दुनिया का पहला फिंगर टेस्टिंग (Picture Courtesy: Freepik)

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    आइएएनएस, नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया में दुनिया के पहले ट्रायल में पता चला है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए के लिए एक सामान्य फिंगरस्टिक टेस्ट  स्टैंडर्ड लैब टेस्टिंग जितना ही सटीक है, जिससे दूरदराज और सीमित संसाधनों वाली जगहों के ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच का रास्ता खुल गया है। 

    यह अध्ययन जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलाजी में प्रकाशित हुआ। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया कि यह प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्ट एक घंटे के अंदर नतीजे दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में भी किया जा सकता है।

    टेस्ट में देरी को करेगा कम 

    आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला आधारित टेस्टिंग की वजह से होने वाली देरी को दूर करने में मदद कर सकता है। किर्बी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गैल मैथ्यूज ने कहा, परिणामों ने पाया कि फिंगरस्टिक प्वाइंट आफ केयर परीक्षण अत्यधिक सटीक है, जो पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के करीब है। मैथ्यूज ने कहा कि यह खोज वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच को बढ़ाने की क्षमता रखती है, विशेष रूप क्लिनिक में फिंगर स्टिक ब्लड सैंपल का से जहां परीक्षण की पहुंच सीमित है ।

    हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें 

    हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर पर हमला करता है । ग्लोबल डाटा के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग 25 करोड़ 40 लाख लोग इससे पीड़ित हैं और हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। हालांकि वैक्सीन से इसे रोका जा सकता है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, क्रानिक हेपेटाइटिस बी से पीड़ित लोगों में से सिर्फ आठ प्रतिशत को ही इलाज मिल पाता है।

    अभी हेपेटाइटिस बी डीएन टेस्टिंग, निदान और निगरानी दोनों के लिए, एक केंद्रीय प्रयोगशाला में प्रोसेस करने के लिए वीनस ब्लड सैंपल इकट्ठा करने की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि टेस्ट के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है और फिर अक्सर रिजल्ट के लिए कई दिनों या हफ्तों तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह देरी इलाज और देखभाल में रुकावट डाल सकती हैं।

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    60 मिनट के अंदर रिजल्ट  

    इसकी तुलना में नया प्वाइंट आफ केयर टेस्ट छोटे हेल्थ इस्तेमाल करके किया जा सकता है, जिसे ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर कर सकते हैं और 60 मिनट के अंदर रिजल्ट मिल जाता है। यह कई संक्रामक रोगों जिसमें हेपेटाइटिस सी भी शामिल है, के लिए लैब टेस्ट का एक प्रभावी विकल्प है। नया परीक्षण डब्ल्यूएचओ के 2030 तक हेपेटाइटिस बी को स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समर्थन कर सकता है।