वेट लॉस की दवाओं का बढ़ रहा है ट्रेंड, डॉक्टर से जानें इसके फायदे, नुकसान और इस्तेमाल का सही तरीका
वेट लॉस की दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले इससे जुड़ी जरूरी बातों के बारे में जानना जरूरी है। ...और पढ़ें

वेट लॉस की दवाओं से जुड़ी जरूरी बातें (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मोटापा हमारे देश के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है। इसलिए वजन कम करने वाली दवाओं का चलन भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। लोग अब एक्सरसाइज या डाइट को छोड़कर इन दवाओं को ज्यादा पसंद करने लगे हैं।
वेट लॉस की दवाओं में सेमाग्लूटाइड का इस्तेमाल किया जाता है। अब भारत में भी जल्द ही इसका सस्ता वर्जन भी आने वाला है, जिससे आशंका है कि इन दवाओं का इस्तेमाल और भी बढ़ेगा।
ऐसे में जरूरी है कि वजन कम करने वाली दवाओं के बारे में सही जानकारी हो, ताकि सोच-समझकर आप अपने लिए सही फैसला ले सकें। आइए डॉ. मोहित शर्मा (सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानें इन दवाओं से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।
कैस काम करती हैं ये दवाएं?
वजन कम करने वाली दवाओं में सेमाग्लूटाइट मौजूद होता है, जो एक GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट है। आसान भाषा में कहें तो यह हमारे शरीर में पाए जाने वाले प्राकृतिक हार्मोन की नकल करता है। यह दिमाग के उस हिस्से को एक्टिव करती है जो भूख और पेट भरने के सिग्नल को नियंत्रित करता है।
इससे व्यक्ति को जल्दी पेट भरा हुआ महसूस होता है। साथ ही, यह पेट के खाली होने की गति को धीमा कर देती है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती। इतना ही नहीं, यह शुगर बढ़ने पर इंसुलिन के सीक्रेशन को बढ़ाती है, जो टाइप-2 डायबिटीज में सहायक है।
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किसे इसका इस्तेमाल करना चाहिए और किसे नहीं?
यह दवा हर उस व्यक्ति के लिए नहीं है जो सिर्फ थोड़ा वजन कम करना चाहता है।
- कौन कर सकता है इस्तेमाल- मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के मरीज और वे लोग जिनका BMI बहुत ज्यादा है या जिन्हें मोटापे के कारण स्वास्थ्य समस्याएं हैं।
- किन्हें बचना चाहिए- वे लोग जिन्हें मेडुलरी थायरॉइड कैंसर का पारिवारिक इतिहास है या MEN 2 (मल्टीपल एंडोक्राइन नियोप्लासिया सिंड्रोम टाइप 2) है, उन्हें इसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। साथ ही,पैनक्रियाज या किडनी की गंभीर बीमारी वाले मरीजों के लिए भी यह जोखिम भरा हो सकता है।
साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
सेमाग्लूटाइड कोई कॉस्मेटिक शॉर्टकट नहीं है, बल्कि एक पावरफुल दवा है। इसलिए इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जैसे- जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, कब्ज और पेट में ऐंठन।
गंभीर मामलों में पैनक्रिएटाइटिस, गॉल ब्लैडर की समस्याएं, डिहाइड्रेशन के कारण किडनी डैमेज और अन्य दवाओं के साथ मिलने पर शुगर का स्तर बहुत नीचे गिर जाने की समस्या भी हो सकती है।
दवा बंद करने पर क्या होता है?
एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग इन दवाओं का इस्तेमाल बंद कर देते हैं, उनका वजन अक्सर तेजी से वापस बढ़ जाता है। यह वजन बढ़ने की गति लाइफस्टाइल और डाइट के जरिए वजन कम करने वालों की तुलना में ज्यादा हो सकती है।
क्या इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के खरीदा जा सकता है?
बिल्कुल नहीं। भारत में सेमाग्लूटाइड एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है। इसे ओवर-द-काउंटर खरीदना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। सही खुराक और मेडिकल निगरानी के बिना इसका इस्तेमाल शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी
वजन कम करने वाली दवाओं को शॉर्टकट समझकर इस्तेमाल करना बाद में भारी पड़ सकता है। साथ ही, बिना लाइफस्टाइल में बदलाव किए, इन दवाओं के इस्तेमाल से शरीर में पोषण की कमी भी हो सकती है।
इसके कारण मांसपेशियों और हड्डियों में कमजोरी हो सकती है। इसलिए लाइफस्टाइल में सुधार हर हाल में जरूरी है। लाइफस्टाइल में सुधार करके आप वजन भी कम कर सकते हैं और भविष्य में फिर से मोटापे की चपेट में आने से भी बच सकते हैं।
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