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    नया हुनर सीखते-सीखते अचानक क्यों धीमी पड़ जाती है रफ्तार? वैज्ञानिकों ने खोजा दिमाग का 'सीक्रेट लॉक'

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 08:14 AM (IST)

    कोई नई भाषा या नई तकनीक सीखने के बाद जब दिमाग को उसकी आदत पड़ जाती है तो दिमाग स्लो हो जाता है, पर कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? ...और पढ़ें

    जब सीख लेता है, तब रुक जाता है दिमाग (Image Source: AI Generated)

    जब सीख लेता है, तब रुक जाता है दिमाग (Image Source: AI Generated)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    प्रेट्र, नई दिल्ली। विज्ञान की भाषा में किसी नई स्किल को सीखने के लिए एक शब्द उपयोग में लाया जाता है लर्निंग कर्व यानी ‘सीखने का वक्र'। यह कर्व किसी व्यक्ति को नए कौशल को सीखने में लगने वाले समय और दक्षता के बारे में बात करता है। हाल ही में इसी से जुड़ी एक स्टडी सामने आई है जिसमें नई चीज सीखते समय कुछ देर के बाद प्रक्रिया क्यों रुक जाती है, इसपर शोध किया गया। 

    नया कौशल सीखने में एक दिन में ढीला पड़ जाता है दिमाग 

    शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क में एक ऐसी प्रक्रिया का पता लगाया है, जो यह समझाने में मदद कर सकती है कि कोई व्यक्ति नया कौशल सीखते समय तेजी से प्रगति क्यों करता है, लेकिन फिर प्रगति रुक जाती है। मैरीलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया कि मस्तिष्क की कोशिकाओं के चारों ओर मौजूद एक ढांचे जैसी संरचना, जिसे बाह्यकोशिकीय मैट्रिक्स कहा जाता है, नए कौशल को सीखने के शुरुआती चरणों में लगभग एक दिन के भीतर ढीली पड़ जाती है और फिर से बन जाती है। 

    जब सीख लेता है, तब रुक जाता है दिमाग 

    कौशल में महारत हासिल होने पर यह पुनर्निर्माण चक्र धीमा पड़ जाता है और अंततः रुक जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे मस्तिष्क ने तय कर लिया है कि सीखना पूरा हो गया है और अब जो कुछ हासिल किया है उसे संरक्षित करने का समय आ गया है। मैरीलैंड विश्वविद्यालय में जीव विज्ञान की सहायक प्रोफेसर मेलिसा कैरस ने कहा, "पहली बार हम यह देख पाए हैं कि अनुभव प्राप्त करने के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया बदलती है। यह सीखने की शुरुआत में होती है, फिर धीमी हो जाती है और धीरे-धीरे रुक जाती है।" 

    नई चीज सीखने का अनोखा चक्र

    कैरास ने कहा, "इससे हमें पता चलता है कि मस्तिष्क केवल निष्क्रिय रूप से सीखी गई बातों को संग्रहित नहीं करता। यह सक्रिय रूप से यह भी नियंत्रित करता है कि सीखना कब हो सकता है और कब रुकना चाहिए, ताकि आपके द्वारा विकसित कौशल संरक्षित रहें, न कि नष्ट हो जाएं।"

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    एक्स्ट्रासेल्यूलर मैट्रिक्स सीखने के दौरान मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तनों को नियंत्रित करने में मदद करता है। आडिटरी कार्टेँक्ट में, अभ्यास सत्र के कुछ घंटों के भीतर मैट्रिक्स ढीला हो जाता है और लगभग एक दिन मेंं फिर से बन जाता है। यह ऐसा चक्र है जो अगले सत्र से पहले पिछले सत्र से सीखी गई बातों को स्थायी होने देता है। 

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