क्या जीन में बदलाव है आपके गर्दन और पीठ दर्द का असली विलेन? जेब्राफिश पर हुए नए शोध में बड़ा दावा
क्या हर दिन बाम लगाने या स्प्रे से भी नहीं मिल रही गर्दन और पीठ दर्द में राहत? हो सकता है इसकी वजह जीन में किसी तरह का बदलाव हो। ...और पढ़ें

जीन एक्टिविटी में बदलाव से स्पाइनल डिस्क को जोखिम (Image Source: AI Generated)

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प्रेट्र, नई दिल्ली। गर्दन और पीठ का दर्द इन दिनों बिगड़ते लाइफस्टाइल के दौर में बेहद आम है, जिसे घंटों एक ही जगह गर्दन झुकाकर फोन चलाने और कोई फिजिकल एक्टिविटी न करने से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में क्या हो अगर हम कहें कि इस दर्द की वजह अपका लाइफस्टाइल नहीं बल्कि जीन एक्टिविटी में बदलाव हो?
दरअसल, हाल ही में एक स्टडी इस बारे में खुलासा कर रही है। जेब्राफिश पर हुए एक एक शोध के मुताबिक गर्दन और पीठ का दर्द जीन एक्टिविटी में बदलाव का नतीजा हो सकता है।
जीन एक्टिविटी में बदलाव से स्पाइनल डिस्क को जोखिम
बता दें कि जेब्राफिश पर हुआ यह शोध कहता है कि गर्दन और पीठ के दर्द की एक वजह जीन एक्टिविटी में बदलाव भी हो सकती है। जब ये बदलाव होते हैं तो रीढ़ की हड्डी के नैचुरल शाक एब्जार्बर यानी स्पाइनल डिस्क खराब हो जाती है। यह शोध कम्युनिकेशन्स बायोलाजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में पता चला है कि जीन एक्टिविटी में बदलाव से रीढ़ की हड्डी में मिनरल जमा हो सकते हैं, जैसे गलत जगह पर अनचाही हड्डी बन जाती है, जिससे वह सख्त हो जाती है।
सर्जरी ही रहा एकमात्र लांगटर्म आप्शन
ब्रिटेन की एडिनबर्ग और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि ये नतीजे पीठ दर्द के इलाज के लिए भविष्य में दवा के लक्ष्य की ओर इशारा करते हैं । इसके मुख्य कारणों में से एक है स्पाइनल डिस्क का धीरे-धीरे खराब होना। ये रीढ़ की हड्डियों को कुशन देती हैं, जिसे इंटरवर्टेब्रल डिस्क डिजनरेशन कहा जाता है। इसे रोकने या ठीक करने के लिए अभी कोई दवा उपलब्ध नहीं है, और सर्जरी ही एकमात्र लांगटर्म आप्शन है।
दवा से भी हो सकेगा स्पाइनल डिस्क का इलाज
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट आफ जेनेटिक्स एंड कैंसर की मुख्य शोधकर्ता एरिका कागुए ने कहा, "दशकों से, डिस्क की बीमारी का एकमात्र सही इलाज सर्जरी ही रहा है। रीढ़ की हड्डी के सख्त होने की संरचना को समझकर, हमारी स्टडीज इसे धीमा करने के कई तरीके बताती हैं, जिसमें एक ऐसी दवा भी शामिल है जिसका इस्तेमाल मरीजों पर पहले से ही सुरक्षित रूप से किया जा रहा है।" कागु ने कहा, "अभी और काम करना बाकी है, लेकिन एक ऐसी बीमारी के लिए जिसने पीढ़ियों से लोगों को प्रभावित किया है और जिसका कोई इलाज नहीं मिल रहा था, यह बहुत उत्साहजनक है।"