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    प्रेग्नेंसी में हीमोग्लोबिन कम होना सिर्फ थकान नहीं...नवजात के लिए बन सकता है बड़ा खतरा! रिपोर्ट ने चौंकाया

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 08:30 AM (IST)

    महिलाओं में खून की कमी प्रेग्नेंसी के समय एक सीरियस कंडीशन बन सकती है, अगर खानपान का ठीक से ध्यान न रखा जाए। ...और पढ़ें

    मध्यम से गंभीर एनीमिया से स्टिलबर्थ का खतरा (Image Source: AI Generated)

    मध्यम से गंभीर एनीमिया से स्टिलबर्थ का खतरा (Image Source: AI Generated)

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    प्रेट्, नई दिल्ली। महिलाएं अक्सर घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं और फिर उनका शरीर भी कुछ इस तरह काम करता है कि पीरियड्स के चलते उनमें खून की कमी यानी एनीमिया एक आम समस्या है। इसमें भी उनकी जिंदगी का दूसरा चरण गर्भावस्था बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है, अगर इस दौरान सेहत का ध्यान न रखा जाए। हाल ही की एक स्टडी के मुताबिक, गर्भावस्था में एनीमिया होने पर मृत शिशु पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है, आइए जानते हैं क्या कहती है यह नई स्टडी। 

    मध्यम से गंभीर एनीमिया से स्टिलबर्थ का खतरा

    प्रेग्नेंसी में एनीमिया और स्टिलबर्थ को लेकर द लैंसेट रीजनल हेल्थ साउथ ईस्ट एशिया में प्रकाशित एक शोध किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत में जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कभी भी मध्यम से गंभीर एनीमिया (खून की कमी) होता है, उनमें गर्भावस्था के 28 हफ्ते के बाद मृत शिशु के जन्म यानी स्टिलबर्थ का जोखिम 27 प्रतिशत तक ज्यादा बढ़ सकता है। 

    प्रेग्नेंसी के 29वें हफ्ते में बड़ा जोखिम 

    इस अध्ययन के नतीजों से यह भी पता चलता है कि जहां एक तरफ गंभीर एनीमिया वाली गर्भवती महिलाओं में स्टिलबर्थ प्रेग्नेंसी के 29वें हफ्ते के आसपास हो सकता है, तो वहीं दूसरी तरफ सामान्य परिस्थिति में महिलाओं में यह जोखिम 31वें हफ्ते के आसपास होता है। इस तरह यह अध्ययन महिलाओं की सेहत पर ज्यादा ध्यान देने की ओर इशारा कर रहा है, खासकर कि प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर रूप ले सकती है। 

    बचाव के लिए बेहतर रणनीति जरूरी

    ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रापिकल मेडिसिन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने बताया कि गर्भवती माताओं में एनीमिया स्टिलबर्थ का एक अहम और ऐसा खतरा है जिसे समय रहते ज्यादा ध्यान देकर ठीक किया जा सकता है। 

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    उन्होंने कहा कि स्टिलबर्थ के जोखिम को कम किया जा सकता है, बस इसके लिए नीति में बदलाव कर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया से बचाव और इलाज की व्यापक रणनीतियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एनीमिया खून से जुड़ी एक स्थिति है, जिसमें रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है या हीमोग्लोबिन सामान्य से कम होता है। टीम ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-स्टिलबर्थ पूल्ड इंडियन कोहोर्ट कंसोर्टियम के डाटासेट का अध्ययन किया।