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    बार-बार सनबर्न से बढ़ जाता है स्किन कैंसर का खतरा, बिल्कुल न करें रैशेज और जलन को मामूली समझने की भूल

    Updated: Tue, 26 May 2026 07:00 PM (IST)

    बार-बार सनबर्न होने की समस्या को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह आगे चलकर स्किन कैंसर का रूप भी ले सकता है। ...और पढ़ें

    बार-बार सनबर्न होना भी है खतरनाक (Picture Courtesy: Freepik)

    बार-बार सनबर्न होना भी है खतरनाक (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही लोग तेज धूप और पसीने से परेशान होने लगते हैं। इस मौसम में तेज धूप के कारण रेडनेस, जलन होना और सनबर्न होना काफी आम समस्या है, जिसे ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सनबर्न की समस्या को मामूली समझना खतरनाक साबित हो सकता है। 

    दरअसल, सनबर्न की समस्या स्किन कैंसर का भी रूप ले सकती है। इसलिए इससे सावधान रहना और बचाव करना काफी जरूरी है। आइए इस बारे में डॉ. पर्ल आनंद (कंसल्टेंट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल, सोनीपत) से जानते हैं। 

    क्या सनबर्न के कारण स्किन कैंसर हो सकता है?

    डॉ. आनंद बताती हैं कि बार-बार सनबर्न होने से भविष्य में स्किन कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। ज्यादा समय तक धूप में रहने से हमारी त्वचा लगातार यूवी किरणों के संपर्क में आती है, जिससे स्किन सेल्स के डैमेज होने का रिस्क बढ़ जाता है। 

    जब त्वचा का DNA डैमेज हो जाता है, तो सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं, जो धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेती हैं।सनबर्न के कारण तीन तरह के स्किन कैंसर का खतरा बढ़ता है-

    • मेलानोमा- यह सबसे खतरनाक प्रकार का स्किन कैंसर है।
    • बेसल सेल कार्सिनोमा
    • स्कवैमस सेल कार्सिनोमा

    ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अगर बचपन या टीनएज में किसी को गंभीर सनबर्न हुआ हो, तो बड़े होने पर उसमें स्किन कैंसर विकसित होने का जोखिम कई गुना ज्यादा हो जाता है। इसलिए सनबर्न को केवल टैनिंग समझकर नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें।

    Skin cancer Symptoms

    गर्मियों में सनबर्न से बचने के उपाय

    गर्मी के मौसम में धूप से पूरी तरह बचना मुमकिन नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर सनबर्न से बचा जा सकता है-

    • बाहर निकलने से बचें- सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे के बीच सूरज की यूवी किरणें सबसे ज्यादा तेज और हानिकारक होती हैं। कोशिश करें कि इस दौरान सीधे धूप में जाने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो कोशिश करें कि आप छांव में रहें।
    • सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल- धूप में निकलने से कम से कम 20-30 मिनट पहले एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा का ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं। ध्यान रहे कि सनस्क्रीन का असर केवल 2 से 3 घंटे ही रहता है। इसलिए अगर आप लंबे समय तक बाहर हैं, या आपको बहुत पसीना आ रहा है या स्विमिंग कर रहे हैं, तो हर 2 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाएं।
    • कपड़े और एक्सेसरीज पहनें- गर्मियों में हल्के रंग के, सूती और पूरी बाजू के कपड़े पहनें। इसके अलावा, बाहर निकलते समय चौड़े किनारे वाली टोपी पहनें जिससे चेहरा, कान और गर्दन ढके रहें। यूवी-प्रोटेक्टिव सनग्लासेस लगाएं।
    • खुद को हाइड्रेटेड रखें- तेज धूप में शरीर से पानी बहुत जल्दी खत्म होता है। त्वचा की नमी बनाए रखने और सनबर्न के असर को कम करने के लिए दिनभर में भरपूर पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पीते रहें।

    डॉक्टर से कब संपर्क करें?

    सनबर्न केवल कुछ दिनों की जलन नहीं है, यह त्वचा को लंबे समय में नुकसान पहुंचाता है। इसलिए कुछ संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-

    खबरें और भी

    • त्वचा पर बार-बार ज्यादा रेडनेस, जलन या छाले पड़ना।
    • शरीर पर मौजूद किसी तिल या मस्से के आकार, रंग या बनावट में बदलाव आना।
    • त्वचा पर कोई ऐसा घाव या दाग होना जो लंबे समय से ठीक न हो रहा हो।