तरबूज खाने से एक परिवार में 4 लोगों की मौत! क्या सचमुच जानलेवा बन सकता है गर्मियों का यह फेवरेट फ्रूट?
गर्मियों के लिए तरबूज भले ही बेहद फायदेमंद है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए, तो इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है। ...और पढ़ें

तरबूज खाते समय बरतें सावधानी (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई से एक बेहद हैरान और डरा देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक ही परिवार के चार लोगों की तरबूज खाने के बाद मौत हो गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवार ने शाम को बिरयानी खाई थी और फिर रात में घर पर रखा तरबूज खाया। कुछ ही घंटों बाद सभी को गंभीर उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस दुखद घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या गर्मियों में अमृत माना जाने वाला तरबूज जानलेवा भी हो सकता है? क्या इससे इतनी गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है? इन तमाम सवालों के सटीक जवाब जानने के लिए हमने फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. मोहित शर्मा से बात की।
तरबूज कैसे बन जाता है जहरीला?
तरबूज में खतरा फल के अंदर नहीं, बल्कि उसके बाहरी वातावरण और रखरखाव में छिपा होता है। तरबूज जमीन पर उगते हैं, जिसके कारण इनकी बाहरी परत मिट्टी, गंदे पानी और तरह-तरह के कीटाणुओं के संपर्क में रहती है।
मेडिकल पॉइन्ट ऑफ व्यू से देखें तो इस फल की सतह पर साल्मोनेला, ई. कोली और लिस्टेरिया जैसे हानिकारक बैक्टीरिया जीवित रह सकते हैं।
जब हम गंदे चाकू से या बिना धोए तरबूज काटते हैं, तो ये बैक्टीरिया छिलके से फल के अंदरूनी हिस्से में पहुंच जाते हैं। एक बार कट जाने के बाद, तरबूज में मौजूद ज्यादा पानी की मात्रा और गर्मी इन बैक्टीरिया को तेजी से पनपने में मदद करती है।
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फूड पॉइजनिंग के लक्षण और जोखिम
तरबूज से होने वाली फूड पॉइजनिंग के लक्षण सामान्य इन्फेक्शन जैसे ही होते हैं, जैसे-
- दस्त और उल्टी
- पेट में तेज दर्द और ऐंठन
- बुखार और कमजोरी महसूस होना

(AI Generated Image)
लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि फल हमेशा सुरक्षित होते हैं। लेकिन हकीकत में, एक बार कटने और गर्मी के संपर्क में आने के बाद, यदि बुनियादी साफ-सफाई की अनदेखी की जाए, तो तरबूज बैक्टीरिया के विकास के लिए बहुत संवेदनशील हो सकता है।
डॉ. मोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, अमृता अस्पताल, फरीदाबाद
ज्यादातर मामलों में यह समस्या हल्की होती है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती है।
ये जरूरी सावधानियां बरतें
- काटने से पहले धोएं- तरबूज को काटने से पहले उसके बाहरी छिलके को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं, ताकि सतह पर मौजूद कीटाणु अंदर न जा सकें।
- सड़क किनारे कटे फल से बचें- धूप और गर्मी में घंटों से खुले रखे कटे हुए तरबूज खाने से बचें। ये बैक्टीरिया पनपने की सबसे बेहतरीन जगह होते हैं।
- स्टोरेज का ध्यान रखें- तरबूज को काटने के तुरंत बाद फ्रिज में रखें। कटे हुए हिस्से को 24 से 48 घंटों के भीतर ही खा लेना चाहिए।
- बर्तनों की स्वच्छता- हमेशा साफ चाकू और चॉपिंग बोर्ड का ही इस्तेमाल करें।
तरबूज गर्मियों के लिए एक बेहतरीन स्वास्थ्य विकल्प है, बशर्ते इसे सावधानी और स्वच्छता के साथ खाया जाए।