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    कैंसर की वजह से खतरे में बचपन के 'कीमती साल', कम आय वाले देशों में सबसे ज्यादा कोहराम

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 08:03 AM (IST)

    ‘द लैंसेट’ की रिपोर्ट के अनुसार, बचपन के कैंसर से होने वाली 94% मौतें कम और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। ...और पढ़ें

    स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से गरीब और मध्यम आय वाले देशों में जा रही 94% बच्चों की जान (Image Source: AI-Generated)

    स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से गरीब और मध्यम आय वाले देशों में जा रही 94% बच्चों की जान (Image Source: AI-Generated) 

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    प्रेट्र, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में बचपन के कैंसर से होने वाली 94 प्रतिशत मौतें केवल कम और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं? यह एक बेहद चौंकाने वाला सच है। हाल ही में मशहूर मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' में एक वैश्विक विश्लेषण प्रकाशित हुआ है। इस रिपोर्ट ने दुनिया भर में इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में मौजूद भयानक असमानता को उजागर किया है।

    दुनिया भर में कैंसर का कहर

    'ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज, एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी' के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में दुनिया भर में बच्चों में कैंसर के 3 लाख 77 हजार नए मामले सामने आए। दुखद बात यह है कि इनमें से लगभग 1 लाख 44 हजार बच्चों की मौत हो गई। यह बीमारी आज वैश्विक स्तर पर बच्चों की जान लेने वाला आठवां सबसे बड़ा कारण बन चुकी है। 

    भारत और अन्य देशों के डराने वाले आंकड़े

    अगर हम अलग-अलग देशों की बात करें, तो 2023 में बच्चों में कैंसर से होने वाली मौतों के अनुमान बेहद चिंताजनक हैं।

    • भारत में करीब 17,000 बच्चों ने अपनी जान गंवाई।
    • चीन में यह आंकड़ा 16,000 रहा।
    • नाइजीरिया और पाकिस्तान दोनों देशों में लगभग नौ-नौ हजार बच्चों की इस गंभीर बीमारी से मौत होने का अनुमान लगाया गया है।

    आंकड़े साफ बताते हैं कि जिन जगहों पर संसाधनों की कमी है, वहां इस बीमारी का बोझ सबसे ज्यादा है।

    cancer diagnosis delays

    (Image Source: AI-Generated)

    कुछ राहत, तो कुछ चिंता

    इस वैश्विक रिपोर्ट में एक सकारात्मक पहलू भी है। 1990 में बचपन के कैंसर से लगभग 1.97 लाख मौतें हुई थीं। तब से लेकर अब तक दुनिया भर में मौतों के इस आंकड़े में 27 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन एक बड़ी चिंता यह भी है कि जहां पूरी दुनिया में मौतों का ग्राफ नीचे गिरा है, वहीं अफ्रीका में इसमें 55.6 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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    स्वस्थ जीवन के बहुमूल्य वर्षों का नुकसान

    भारत सहित ऐसे देश जहां सामाजिक और जनसांख्यिकीय सूचकांक कम या मध्यम है, वहां यह बीमारी और भी घातक है। 2023 में, सभी उम्र के लोगों में कैंसर से होने वाली मौतों में बचपन के कैंसर का योगदान 11वां सबसे अधिक पाया गया।

    इसके अलावा, साल 2023 में यह बीमारी बच्चों के 'डीएएलवाई' (DALY - Disability-Adjusted Life Years) को प्रभावित करने वाला 10वां सबसे बड़ा कारण रही। एक डीएएलवाई का सीधा सा मतलब है- पूर्ण स्वास्थ्य के साथ जिए गए जीवन के एक वर्ष का नुकसान। यानी, कैंसर की वजह से न सिर्फ बच्चों की जान जा रही है, बल्कि वे अपने स्वस्थ और खुशहाल जीवन के कई बहुमूल्य वर्ष भी खो रहे हैं।

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