रात भर खर्राटे और दिन भर थकान: कहीं आप भी तो नहीं हैं 'स्लीप एपनिया' के शिकार?
नींद हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन क्या हो अगर सोते समय आपकी सांस बार-बार रुकने लगे? जी हां, स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) एक ऐसी ही गंभीर स्थित ...और पढ़ें

सिर्फ थकान नहीं, दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है स्लीप एपनिया (Image Source: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोचिए, आप गहरी नींद में हैं और अचानक आपको सांस लेने में परेशानी होने लगे? दरअसल, स्लीप एपनिया एक ऐसी ही स्थिति है जो आपकी रातों की सुकून भरी नींद को बीमारी में बदल सकती है।
इसमें सोने के दौरान व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है। यह केवल नींद खराब नहीं करती, बल्कि समय के साथ आपके दिल, दिमाग और शरीर के बाकी अंगों पर बहुत बुरा असर डाल सकती है। आइए, डॉ. मनीषा मेंदीरत्ता (निदेशक एवं प्रमुख - पल्मोनोलॉजी सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8, फरीदाबाद) से इस गंभीर समस्या को आसान भाषा में समझते हैं (Sleep Apnea Symptoms Treatment)।

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स्लीप एपनिया आखिर है क्या?
स्लीप एपनिया एक नींद से जुड़ा डिसऑर्डर है। इसमें सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ पलों के लिए रुक जाती है। यह रुकावट कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक की हो सकती है। इस कारण नींद की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह हार्ट, ब्रेन और शरीर के अन्य अंगों पर बुरा असर डाल सकता है।
क्यों होता है यह डिसऑर्डर?
इस समस्या के पीछे हमारा लाइफस्टाइल और शारीरिक बनावट दोनों जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- शारीरिक कारण: मोटापा, गर्दन का ज्यादा मोटा होना, गले की मांसपेशियों का ढीला पड़ना, या टॉन्सिल का बढ़ जाना।
- सेहत से जुड़ी समस्याएं: थायरॉइड जैसी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
- बुरी आदतें: धूम्रपान और शराब का सेवन इस बीमारी को बढ़ावा देता है।
- जेनेटिक्स: कई बार यह बीमारी फैमिली हिस्ट्री के कारण भी होती है।

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कैसे पहचानें इसके लक्षण?
अक्सर मरीज को खुद पता ही नहीं चलता कि वह स्लीप एपनिया का शिकार है। यह बात अक्सर उनके परिवार के सदस्य या साथी ही उन्हें बताते हैं। इसके प्रमुख लक्षण ये हैं:
- सोते समय तेज खर्राटे आना
- नींद के दौरान अचानक सांस का रुक जाना
- रात में बार-बार नींद टूटना
- सुबह उठने पर सिरदर्द और भारीपन महसूस होना
- दिन भर जरूरत से ज्यादा नींद और थकान रहना
- किसी भी काम में ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना
इलाज और बचाव
घबराने की बात नहीं है, सही समय पर डॉयग्नोज और ट्रीटमेंट से इस पर काबू पाया जा सकता है। इसके गंभीर परिणाम जैसे हाई ब्लड प्रेशर (High BP), हार्ट डिजीज और डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए ये उपाय कारगर साबित हो सकते हैं:
- लाइफस्टाइल में बदलाव: अपना वजन कम करें और बैलेंस डाइट लें।
- परहेज: शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बना लें।
- मशीन का यूज: डॉक्टर की सलाह पर आप सांस लेने वाली खास मशीन का यूज कर सकते हैं, जिसे 'सी-पैप' कहते हैं।
- सर्जरी: कुछ विशेष मामलों में सर्जरी के जरिए भी इसका इलाज किया जाता है।
डॉक्टर का कहना है कि स्लीप एपनिया को नजरअंदाज बिल्कुल न करें, क्योंकि अच्छी नींद ही अच्छी सेहत की नींव है।