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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    क्या बार-बार बीमार पड़ना हो सकता है Cancer का संकेत? डॉक्टर ने कहा- "भूलकर भी इग्नोर न करें 6 लक्षण"

    Updated: Tue, 15 Jul 2025 09:07 PM (IST)

    क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार होने वाले इन्फेक्शन या वो बुखार जो जाने का नाम ही नहीं लेता सिर्फ बदलते मौसम की देन नहीं बल्कि किसी गहरी समस्या का इश ...और पढ़ें

    क्या आपका शरीर तो नहीं दे रहा कैंसर के संकेत? (Image Source: Freepik)
    क्या आपका शरीर तो नहीं दे रहा कैंसर के संकेत? (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. बार-बार बीमार पड़ना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
    2. कैंसर के कारण शरीर इन्फेक्शन से लड़ने में कमजोर पड़ जाता है।
    3. डॉक्टर का कहना है कि आपको 6 लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार बीमार पड़ना या छोटे-मोटे इन्फेक्शन का जल्दी ठीक न होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत (Cancer Symptoms) हो सकता है? अक्सर हम बदलते मौसम या नॉर्मल कमजोरी को इसका कारण मानकर टाल देते हैं, लेकिन कभी-कभी ये लक्षण हमारे शरीर में चल रही किसी बड़ी परेशानी, जैसे कि कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। आइए, डॉ. आदित्य सरीन (सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, श्री गंगाराम अस्पताल, दिल्ली) से इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

    जब कमजोर होता है इम्यून सिस्टम

    हमारा इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता हमें बीमारियों से लड़ने में मदद करती है, लेकिन कुछ खास तरह के कैंसर, जैसे ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर), लिंफोमा (लसीका प्रणाली का कैंसर), और मल्टीपल मायलोमा (प्लाज्मा सेल्स का कैंसर), सीधे तौर पर हमारी इम्युनिटी को प्रभावित करते हैं। ये कैंसर शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं के बनने या उनके काम करने के तरीके में रुकावट डालते हैं, जिससे हमारी इम्युनिटी कमजोर हो जाती है।

    इम्युनिटी कमजोर होने पर व्यक्ति को बार-बार बुखार, सांस से जुड़े इन्फेक्शन्स (जैसे खांसी, जुकाम, ब्रोंकाइटिस) या ऐसे घाव जो आसानी से ठीक न हों, जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ ठोस ट्यूमर भी, जब एडवांस स्टेज में पहुंच जाते हैं, जो बोन मैरो के काम को बाधित कर सकते हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकते हैं।

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    इन 6 लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

    डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ खास 'रेड फ्लैग्स' हैं जिन्हें हमें गंभीरता से लेना चाहिए:

    1. साल में 4 से ज्यादा गंभीर इन्फेक्शन: अगर आपको साल में चार या उससे ज्यादा बार ऐसे इन्फेक्शन होते हैं जो गंभीर हों और आपकी दिनचर्या को प्रभावित करें।
    2. इलाज में मुश्किल या बार-बार होने वाले इन्फेक्शन: ऐसे इन्फेक्शन जिनका इलाज मुश्किल हो या जो ठीक होने के बाद बहुत जल्दी-जल्दी लौट आते हों।
    3. लगातार बुखार: बिना किसी साफ कारण के लंबे समय तक बुखार रहना।
    4. रात में पसीना: रात को सोते समय बहुत ज्यादा पसीना आना, जिससे कपड़े भीग जाएं।
    5. अचानक वजन घटना: बिना किसी डाइट या प्रयास के शरीर का वजन तेजी से कम होना।
    6. सूजी हुई लिम्फ नोड्स: गर्दन, बगल या कमर में गांठें या सूजी हुई लिम्फ नोड्स महसूस होना।

    यह जानना जरूरी है कि हर बार-बार होने वाला इन्फेक्शन कैंसर का संकेत नहीं होता। डायबिटीज, ऑटोइम्यून बीमारियां या ज्यादा तनाव जैसी अन्य स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं।

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    शुरुआती पहचान है जरूरी

    हालांकि, अगर आप अपने शरीर में ऐसे अचानक बदलाव या एक पैटर्न देखते हैं जो ठीक नहीं हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। शुरुआती पहचान, खासकर इम्यून-संबंधित कैंसर में, इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने में बड़ा रोल प्ले करता है।

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