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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    JN.1 वेरिएंट से फिर बढ़ रहा है Covid-19 का खतरा, जानें कितनी असरदार है वैक्सीन?

    Updated: Tue, 20 May 2025 12:36 PM (GMT+05:30)

    कोविड-19 के बढ़ते मामलों से सिंगापुर हांग कांग थाइलैंड और चीन में चिंता बढ़ी हुई है। कोविड के नए मामलों का कारण JN.1 Variant है जो तेजी से फैल सकता है ...और पढ़ें

    JN.1 वेरिएंट से बढ़ रहे हैं कोविड के मामले, जानें लक्षण और वैक्सीन के बारे में सबकुछ (Picture Courtesy: Freepik)
    JN.1 वेरिएंट से बढ़ रहे हैं कोविड के मामले, जानें लक्षण और वैक्सीन के बारे में सबकुछ (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. COVID-19 के मामले सिंगापुर समेत कुछ देशों में बढ़ रहे हैं
    2. भारत में अभी कोविड-19 के 257 एक्टिव मामले हैं
    3. कोविड के नए मामलों के पीछे JN.1 वेरिएंट जिम्मेदार है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कोविड-19 के मामले JN.1 Variant के कारण फिर से कुछ देशों में बढ़ने लगे हैं। इन देशों में सिंगापुर, हांग कांग, चीन और थाईलैंड के नाम शामिल हैं। इन देशों में कोविड के बढ़ते मामले इंडिया के लिए भी चिंता का कारण बन सकता है। भारत में भी कोविड के 257 एक्टिव मामले हैं। हालांकि, भारत में अभी स्थिति कंट्रोल में है और चिंता की बात नहीं है।

    हालांकि, यह जरूरी है कि जिस कोविड वेरिएंट की वजह से इन मामलों में उछाल आया है, उसके बारे में सभी जरूरी बातें पता हों। आइए डॉ संदीप बुद्धिराजा, ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर - मैक्स हेल्थकेयर एंड सीनियर डायरेक्टर - इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनल मेडिसन से जानते हैं इसके लक्षण कैसे होते हैं, इस वेरिएंट के खिलाफ कोविड वैक्सीन कितनी कारगर है (Covid-19 Vaccine Effectiveness) और बचाव के लिए क्या करना चाहिए।

    क्या है JN.1 वेरिएंट?

    कोविड का यह वेरिएंट BA.2.86 (Pirola) स्ट्रेन की फैमिली से ही आता है। बीते दो सालों में इस वायरस में कई म्युटेशन देखने को मिलें हैं। वायरस का यह स्ट्रेन सबसे पहली बार साल 2023 में पाया गया था, जो अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, इंडिया, सिंगापुर और हांग कांग में फैल चुका है। वायरस का यह स्ट्रेन बाकी स्ट्रेन से एक स्पाइक प्रोटीन के कारण अलग है।

    दरअसल, इस वायरस का यह प्रोटीन व्यक्ति के सेल के साथ जुड़ जाता है, जिसके कारण यह और आसानी और तेजी से फैल सकता है। खतरनाक बात यह है कि इस प्रोटीन की वजह से यह पुराने इन्फेक्शन और वैक्सीन से बनी इम्युनिटी से भी बच सकता है। इस वजह से वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी इस वेरिएंट को ऑब्जर्व कर रही है। हालांकि, अभी तक चिंता की कोई बात सामने नहीं आई है।

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    JN.1 वेरिएंट के लक्षण कैसे हो सकते हैं?

    इस वेरिएंट के इन्फेक्शन के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं हैं, जो ऐसे नजर आ सकते हैं-

    यह वेरिएंट तेजी से फैल सकता है, लेकिन इसकी वजह से अभी तक कोई सीरियस कॉम्प्लिकेशन सामने नहीं आया है। हालांकि, बुजुर्गों या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को इस वेरिएंट से ज्यादा खतरा हो सकता है।

    क्या इस वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कारगर है?

    इस वेरिएंट के खिलाफ अभी की वैक्सीन काफी कारगर है। वैक्सीन इस वेरिएंट की वजह से होने वाली गंभीर समस्या या मौत को टालने में काफी मददगार साबित हो सकती है। हालांकि, बहुत हल्का इन्फेक्शन या एसिमटोमैटिक मामलों में वैक्सीन कम असरदार साबित हो सकती है। नए वेरिएंट्स से बचाव के लिए बूस्टर डोज भी काफी मददगार हैं, क्योंकि ये एंटीबॉडी के लेवल को बढ़ाते हैं।

    JN.1 से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

    • भीड़ या कम वेंटिलेशन वाली जगहों में मास्क लगाएं।
    • अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। खासकर बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले।
    • वैक्सीन और बूस्टर डोज लें, अगर नहीं लिया है तो।
    • बीमारी के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
    • बीमार व्यक्ति से दूर रहें।
    • छींकते-खांसते वक्त मुंह और नाक ढकें।

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