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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बढ़िया एक्सरसाइज है साइकिलिंग, लेकिन पैरों की देखभाल भी है जरूरी; इन बातों रखें खास ध्यान

    Updated: Fri, 30 May 2025 07:21 AM (IST)

    साइकिलिंग सेहत के लिए फायदेमंद है लेकिन पैरों की देखभाल जरूरी है। गलत जूतों या साइकिल की गलत फिटिंग से नसों पर दबाव पड़ता है जिससे कई समस्याएं हो सकती ...और पढ़ें

    साइकिलिंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान (Picture Credit- Freepik)
    साइकिलिंग करते समय रखें इन बातों का ध्यान (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। साइकिलिंग करना सेहत के लिए अच्छा तो होता है, लेकिन पैरों की सही देखभाल न करने पर यह आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है। जूते व साइकिल की सही फिटिंग और पैरों की देखभाल से साइकिल राइडर्स को लंबा सफर तय करने में मदद मिल सकती है।

    फिट रहने के लिए साइकिलिंग एक बहुत अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है। कुछ लोग प्रोफेशनली साइकिल रेस में हिस्सा लेते हैं और कुछ फिटनेस के लिए साइकिलिंग करना पसंद करते हैं। चाहे शौकिया तौर पर साइकिल चलाते हों या प्रोफेशनल रूप में, पैरों की फिटनेस जरूरी है। आइए जानते है साइकिल राइडर्स को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और इनसे कैसे राहत पाया जा सकता है।

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    इस तरह की होती है परेशानियां

    • नसों पर पड़ता है दबाव- टाइट जूतों और ज्यादा दबाव की वजह से पैरों के सामने वाले हिस्से पर दबाव पड़ता है। इससे अंगूठे के बीच की नसों में दर्द हो सकता है, सुन्नपन और जलन महसूस हो सकती है।
    • प्लांटर फेशिआइटिस- पैरों के तलवे के टिशूज में सूजन हो जाती है। जूतों और मोजे की रगड़ की वजह से पैरों के अंगूठे और उंगलियों पर छाले हो जाते हैं और बार-बार रगड़ लगने से कॉर्न या गांठें हो जाती हैं।
    • अंगूठे के नाखून में इंफेक्शन- साइकिलिंग के टाइट जूते या सही तरीके से अंगूठे के नाखूनों की ट्रिमिंग ना होने से उनमें दर्द होता है और कई बार उनमें इन्फेक्शन हो जाता है।

    इस तरह रहेंगे आपके पैर फिट

    सही फिटिंग के जूते पहनें

    आप अच्छी तरह साइकिलिंग कर पाएं, उसके लिए आपके जूतों की फिटिंग सही होनी चाहिए। वॉकिंग, रनिंग और साइकिलिंग जैसी एक्टिविटी के लिए आपके पैरों को ही पूरा काम करना होता है, ऐसे में जूतों की अच्छी फिटिंग का होना बेहद जरूरी है।

    साइकिल पर भी दें ध्यान

    अगर साइकिल के सारे पार्ट्स सही ना हों या उसकी हाइट कम या ज्यादा हो तो सारा स्ट्रेस आपके पैर और टखनों पर आ जाएगा। यदि आपको पैरों में दर्द हो रहा है तो फिर अपने लिए प्रोफेशनल साइकिल ले सकते हैं, जिसकी हाइट, पैडल और उसका पॉश्वर सही हो।

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    मोजे भी हैं अहम

    साइकिलिंग के दौरान सही मोजे चुनना भी जरूरी है। यह भी आपके पैरों के कम्फर्ट और हेल्थ में काफी फर्क ला सकते हैं। नमी को सोखने वाले, ब्रीदेबल मोजे लें जो आपके पैरों को ड्राई रख सकें और फफोलों से बचाव कर सकें। कम्प्रेशन वाले मोजे भी साइकिल चलाने के दौरान ब्लड सर्कुलेशन सही रखते हैं और सूजन से बचाते हैं।

    बार-बार बदलें पैरों की पॉजिशन

    लंबी राइडिंग के दौरान आपके पैरों पर एक जैसा प्रेशर आए उसके लिए बार-बार पैरों की पॉजिशन बदलें। जोखिम वाली जगहों पर प्रेशर डालने से बचें।

    बढ़ाएं अपने पैरों की मजबूती

    स्ट्रेथनिंग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और पैरों की ताकत भी बढ़ती है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    • जब भी साइकिल से उतरें, अपने पैरों को सपोर्ट देने वाले फुटवियर पहनें और अपने पैरों को रिकवर होने का समय दें। फ्लिप-फ्लॉप पहनने या नंगे पांव चलने से बचें। इससे आपके पैरों को सपोर्ट नहीं मिलेगा।
    • हमेशा अपने पैरों को साफ और सूखा रखें। साइकिलिंग करने के बाद पसीने वाले मोजे उतार दें और अपने पैरों को अच्छी तरह सुखाएं।
    • यदि आपके पैरों में रेडनेस, सूजन या दर्द महसूस हो रहा हो तो हल्के गुनगुने पानी में कुछ देर पैरों को डुबोकर रखें और फिर पोंछकर सुखा लें।
    • पैरों के नाखूनें की नियमित रूप से ट्रिमिंग करें और कर्व में काटने की बजाय सीधे काटें।

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