यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नाक से खून और सांस लेने में तकलीफ हो सकते हैं Newborn Baby में Dengue के संकेत, ऐसे रखें उनका ख्याल
Dengue एक खतरनाक बीमारी है जो इस समय लगभग पूरे देश में कहर बरपा रही है। एक तरफ जहां कर्नाटक में इसे महामारी घोषित कर दिया गया है तो वहीं मनोरंजन जगत म ...और पढ़ें

HighLights
- Dengue एक गंभीर बीमारी है, जो अक्सर बरसात के दिनों तेजी से फैलती है।
- यह बीमारी आमतौर पर मच्छरों के काटने से फैलती है।
- खासतौर पर नवजात बच्चों को यह बीमारी आसानी से शिकार बना सकती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में इस समय डेंगू का कहर जारी है। कर्नाटक में इस बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इसे महामारी घोषित कर दिया है। वहीं, मनोरंजन जगत में भी कई सितारे डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी से खुद को और अपने करीबियों को बचाने के लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। खासकर छोटे और न्यूबॉर्न बेबी (Dengue In Infant) का इस मौसम में ध्यान रखना ज्यादा जरूरी है। कमजोर इम्युनिटी होने की वजह से वह आसानी से इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, गुड़गांव में पल्मोनोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रतिभा डोगरा से बातचीत की।
इस दौरान हमने डॉक्टर से न्यूबॉर्न बेबीज में डेंगू के वॉर्निंग साइन्स (Warning Signs Of Dengue)और इससे बचाव के कुछ तरीकों के बारे में जाना, तो आइए जानते हैं कैसे करें अपने नवजात बच्चों में डेंगू की पहचान-
डॉक्टर बताती हैं कि बच्चों में डेंगू उनके अविकसित इम्यून सिस्टम के कारण विशेष रूप से गंभीर हो सकता है। जैसे-जैसे डेंगू बढ़ता है, माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना जरूरी हो जाता है, ताकि समय रहते बच्चे को मेडिकल हेल्प मिल सके। न्यूबॉर्न बेबी में डेंगू के गंभीर लक्षणों में से एक अचानक, तेज बुखार है, जो 104°F (40°C) तक पहुंच सकता है और अक्सर दो से सात दिनों तक रहता है। इसके साथ-साथ, शिशुओं को चिड़चिड़ापन, भूख न लगना और थकान भी इसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।
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डेंगू के गंभीर लक्षण
डॉक्टर ने गंभीर डेंगू के कुछ प्रमुख वॉर्निंग्स साइन्स के बारे में भी बताया, जो निम्न हैं-
- लगातार उल्टी
- मसूड़ों से खून आना
- नाक से खून आना
- पेट में सूजन
- सांस लेने में कठिनाई
- बहुत ज्यादा नींद आना
- ठंडी, चिपचिपी त्वचा
- पल्स कमजोर होना
- प्लेटलेट काउंट में गिरावट
- त्वचा पर चोट या छोटे लाल धब्बे
अगर आपको अपने बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है। साथ ही माता-पिता को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बच्चा अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहे और उन्हें एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं देने से बचें, क्योंकि इससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे करें बच्चों का डेंगू से बचाव
चूंकि छोटे बच्चे अपनी सुरक्षा के लिए माता-पिता पर निर्भर होते हैं, इसलिए यहां कुछ सरल उपाय दिए गए हैं, जो शिशुओं में मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम में काफी मददगार साबित होंगे।
खबरें और भी
- अपने बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए पूरे कपड़े पहनाएं।
- शिशु के कपड़ों पर एंटी- मॉस्किटो स्प्रे बैंड और पैच का इस्तेमाल करें।
- घर में नियमित रूप से एंटी- मॉस्किटो स्प्रे करवाते रहें।
- जब शिशु सो रहे हों तो मच्छरदानी का उपयोग करें।
- कारों के अंदर भी स्प्रे करना याद रखें, क्योंकि आपकी गाड़ी में बहुत सारे मच्छर होते हैं।
- शिशुओं की सुरक्षा के लिए उनके आसपास एंटी- मॉस्किटो तरीके अपनाएं।
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