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    अच्छी सेहत के लिए सिर्फ डाइट नहीं, बर्तन बदलना भी है जरूरी; एक्सपर्ट ने कहा- नॉन-स्टिक से बनाएं दूरी

    Updated: Mon, 15 Dec 2025 11:57 AM (IST)

    आयुर्वेद के अनुसार, सही बर्तनों में बना खाना 'जीवंत' रहता है और उसे पचाना आसान होता है। हेल्थ एक्सपर्ट डिंपल जांगड़ा ने मिट्टी, लोहा, तांबा और स्टेनले ...और पढ़ें

    किन बर्तनों में खाना पकाना है सेहत के लिए सही? (Image Source: AI-Generated)

    किन बर्तनों में खाना पकाना है सेहत के लिए सही? (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. मिट्टी के बर्तन खाने के गुणों को सुरक्षित रखते हैं

    2. लोहे के बर्तन पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हैं

    3. नॉन-स्टिक पैन सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब खाना पकाने की बात आती है, तो आयुर्वेद का नियम बहुत सीधा है- प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें। आयुर्वेद मानता है कि सही बर्तनों में बना खाना 'जीवंत' रहता है और उसे पचाना आसान होता है। अगली बार जब आप कुकिंग करें, तो याद रखें कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ खाने की सामग्री ही नहीं, बल्कि आपके बर्तन भी उतने ही मायने रखते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट डिंपल जांगड़ा ने उन 4 बर्तनों के बारे में बताया गया है जिन्हें आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही रसोई के 'वीआईपी' मानते हैं। आइए जानें।

     
     
     
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    मिट्टी के बर्तन

    मिट्टी के बर्तन खाने को धीरे-धीरे पकाते हैं। यह धीमी आंच न केवल भोजन के स्वाद को बढ़ाती है, बल्कि उसमें मौजूद अच्छे गुणों को भी लॉक कर देती है।

    लोहे के बर्तन

    कास्ट आयरन या लोहे के बर्तन आपके भोजन में आयरन की मात्रा को बढ़ाते हैं। यह आपके खून और पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

    तांबे के बर्तन

    जब तांबे के बर्तनों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो ये पानी को शुद्ध करने का काम करते हैं। साथ ही, ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

    स्टेनलेस स्टील

    स्टेनलेस स्टील मजबूत और सुरक्षित होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह आपके पेट या आंतों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करता और सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

    नॉन-स्टिक पैन को कहें 'अलविदा'

    अक्सर इस्तेमाल होने वाले नॉन-स्टिक पैन रसायनों का रिसाव कर सकते हैं, जो खाने में मिल सकते हैं। इसलिए, इन केमिकल्स से बचने के लिए नॉन-स्टिक बर्तनों को छोड़ें और इन पारंपरिक बर्तनों को अपनाएं।

    क्या कहता है विज्ञान?

    विज्ञान भी इस बात का समर्थन करता है। ये प्राकृतिक बर्तन भोजन को एक समान रूप से गर्म करते हैं और पोषक तत्वों को नष्ट नहीं होने देते। इनमें पकाने से भोजन में कोई हानिकारक तत्व नहीं मिलते। नतीजा यह होता है कि खाना ज्यादा स्वादिष्ट और हेल्दी बनता है, जो आपके पाचन को सुधारता है और शरीर का संतुलन बनाए रखता है।

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