क्या आप भी दिमाग तेज करने के लिए ले रहे हैं सप्लीमेंट्स? डॉक्टर ने कहा 2 चीजों का तालमेल है बेहद जरूरी
आजकल हर कोई अपने दिमाग को तेज और याददाश्त को दुरुस्त रखना चाहता है। बाजार में ऐसे कई सप्लीमेंट्स और ...और पढ़ें

दिमागी सेहत का असली राज सप्लीमेंट्स नहीं, आपका लाइफस्टाइल है; जानें कैसे (Image Source: AI-Generated)
HighLights
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करके दिमाग को नुकसान से बचाएं
प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग की सुरक्षा के लिए जरूरी
हेल्दी लाइफस्टाइल दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। लंबे समय तक यही माना जाता रहा कि उम्र बढ़ने के साथ मानसिक कमजोरी आना एक सामान्य बात है, लेकिन नई मेडिकल रिसर्च बताती है कि अगर हम 'ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस' को कम करें, तो दिमाग को नुकसान से बचाया जा सकता है।
हमारा दिमाग शरीर की बहुत ज्यादा ऑक्सीजन का इस्तेमाल करता है, जिससे यह बाहरी नुकसान के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाता है। प्रदूषण, खराब नींद, तनाव और ज्यादा चीनी वाला भोजन हमारे दिमाग की कोशिकाओं को कमजोर कर देता है, जिससे याददाश्त कमजोर होने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
आइए, डॉ. शीतला प्रसाद पाठक (प्रिंसिपल कंसल्टेंट, न्यूरोसाइंसेस और न्यूरोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली) से इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स का जादू
डॉक्टर के अनुसार, विटामिन C, E, बीटा-कैरोटीन और सेलेनियम जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। इनके लिए गोलियों या सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक स्रोतों को चुनना सबसे बेहतर है।
- बेहतरीन स्रोत: बेरीज, मेवे, पत्तेदार सब्जियां और जैतून का तेल।
- खास डाइट: रिसर्च से पता चला है कि 'MIND' डाइट और 'मेडिटेरेनियन' डाइट लेने वाले लोगों में मानसिक गिरावट बहुत धीमी होती है।
कब जरूरी हैं सप्लीमेंट्स?
डॉक्टर बताते हैं कि सप्लीमेंट्स तभी लेने चाहिए जब शरीर में किसी खास पोषक तत्व की कमी हो।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह दिमाग की कोशिकाओं के बीच संचार को बेहतर बनाता है।
- विटामिन B-कॉम्प्लेक्स: B12 और फोलेट नसों को नुकसान से बचाते हैं। यह खासकर बुजुर्गों और शाकाहारी लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
- सावधानी जरूरी है: बहुत से लोग सोचते हैं कि ज्यादा सप्लीमेंट्स लेने से ज्यादा फायदा होगा, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर, विटामिन E की बहुत ज्यादा मात्रा शरीर में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ा सकती है। बिना डॉक्टरी सलाह के कोई भी सप्लीमेंट लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।

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हेल्दी लाइफस्टाइल है सबसे बड़ी दवा
डॉक्टर का साफ कहना है कि एंटीऑक्सीडेंट्स अकेले जादू नहीं कर सकते। ऐसे में, अगर आपका लाइफस्टाइल खराब है, तो कोई भी सप्लीमेंट काम नहीं करेगा। जी हां, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए ये 4 बातें बेहद जरूरी हैं:
- भरपूर और गहरी नींद
- रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी
- स्ट्रेस का सही मैनेजमेंट
- ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर कंट्रोल
दिमाग को तेज रखने का भविष्य केवल दवाओं में नहीं, बल्कि संतुलित भोजन और सही आदतों में छिपा है। सप्लीमेंट्स केवल एक सहारा हो सकते हैं, लेकिन वे हेल्दी लाइफस्टाइल का विकल्प नहीं हैं। इसलिए, किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें ताकि वे आपकी व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से सही मार्गदर्शन दे सकें।
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