यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बात-बात पर आता है गुस्सा? स्ट्रेस ही नहीं, मुमकिन है इन Vitamins की कमी कर रही हो आपको अंदर से परेशान
छोटी-छोटी बातों पर Mood Swings झुंझलाहट या फिर आपा खो देना और बाद में पछताना- क्या यह आपकी रोजमर्रा की कहानी बन गई है? अगर हां तो क्या आपने कभी सोचा ह ...और पढ़ें

HighLights
- काम के दबाव के अलावा और भी कुछ वजहें गुस्से के पीछे जिम्मेदार होती हैं।
- कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी से बात-बात पर गुस्सा आने लगता है।
- मूड को बेहतर बनाने के लिए आपको डाइट में इनकी कमी दूर करनी होगी।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है? कोई हल्की-सी बात भी अंदर तक चुभ जाती है? क्या आपको लगता है कि आपकी चिड़चिड़ाहट का कारण सिर्फ तनाव या थकान है? अगर हां, तो एक बार सोचिए कि कहीं इसकी वजह आपके शरीर में कुछ जरूरी विटामिन्स की कमी तो नहीं (Which Vitamin Deficiency Causes Anger)?
जी हां, अक्सर हम गुस्से, चिड़चिड़ाहट और मूड स्विंग्स को मानसिक तनाव से जोड़ते हैं, लेकिन कई बार इसकी जड़ शरीर के अंदर छिपी होती है। हमारे दिमाग और भावनाओं का गहरा संबंध न्यूट्रिशन से होता है (Nutritional Deficiencies Mood Swings)। जब शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते, तो उसका असर सीधा हमारे मूड, सोच और व्यक्ति के बरताव पर पड़ता है। आज हम बात करेंगे उन 5 जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की, जिनकी कमी आपको गुस्सैल और मानसिक रूप से बेचैन बना सकती है।

विटामिन बी-12 (Vitamin-12)
विटामिन B12 नर्वस सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से दिमाग सुस्त पड़ने लगता है, जिससे थकान, भ्रम, चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लगता है। B12 न्यूरोट्रांसमीटर्स के निर्माण में मदद करता है, जो हमारे मूड को स्थिर रखते हैं।
लक्षण:
- लगातार थकान रहना
- भूलने की आदत
- मूड स्विंग्स
- डिप्रेशन जैसा महसूस होना
किन चीजों से मिलता है?
दूध, दही, अंडा, मछली, चिकन और फोर्टीफाइड अनाज। शाकाहारी लोगों को डॉक्टर की सलाह से B12 सप्लिमेंट लेना चाहिए।
विटामिन D (Vitamin-D)
विटामिन D सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद जरूरी है। इसकी कमी से डिप्रेशन, चिंता और गुस्से की भावना बढ़ सकती है। सूरज की रोशनी से मिलने वाला यह विटामिन मूड को स्थिर रखने वाले हार्मोन (जैसे सेरोटोनिन) के निर्माण में मदद करता है।
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लक्षण:
- बिना बात के उदासी
- आलस और अनमना-सा मन
- गुस्सा और चिड़चिड़ापन
- नींद की कमी
किन चीजों से मिलता है?
सुबह की धूप (15–20 मिनट), अंडा, मशरूम, फिश, फोर्टीफाइड दूध।
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विटामिन B6 (Vitamin-B6)
विटामिन B6 दिमाग में हैप्पी हार्मोन (सेरोटोनिन और डोपामिन) के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से चिंता, तनाव और गुस्सा बढ़ सकता है।
लक्षण:
- बार-बार मूड बदलना
- घबराहट या बेचैनी
- नकारात्मक विचार
- नींद में कमी
किन चीजों से मिलता है?
केले, पालक, आलू, दालें, नट्स और सीड्स।
मैग्नीशियम (Magnesium)
मैग्नीशियम एक मिनरल है, लेकिन इसकी भूमिका विटामिन्स जैसी ही जरूरी है। यह दिमाग को शांत रखने और स्ट्रेस को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसकी कमी से गुस्सा, बेचैनी और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।
लक्षण:
- नींद न आना
- तनाव में रहना
- बार-बार गुस्सा आना
- सिरदर्द
किन चीजों से मिलता है?
साबुत अनाज, कद्दू के बीज, बादाम, पालक, काजू।
ओमेगा-3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid)
हालांकि ये विटामिन नहीं बल्कि फैटी एसिड है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य में इसकी भूमिका बहुत अहम है। ओमेगा-3 ब्रेन सेल्स के बीच बेहतर कम्युनिकेशन बनाता है और मूड को स्थिर रखता है। इसकी कमी गुस्से, डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकती है।
लक्षण:
- अचानक मूड चेंज होना
- मानसिक थकान
- एकाग्रता की कमी
- चिड़चिड़ापन
किन चीजों से मिलता है?
अलसी के बीज, अखरोट, मछली (सैल्मन, टूना), चिया सीड्स।
इन बातों का भी रखें ख्याल
- बैलेंस डाइट लें: हर रंग और ग्रुप के फूड्स अपनी डाइट में शामिल करें।
- सूरज की रोशनी लें: सुबह 15–20 मिनट धूप में बैठना काफी फायदेमंद है।
- ब्लड टेस्ट कराएं: अगर बार-बार मूड खराब रहता है या गुस्सा आता है, तो विटामिन लेवल की जांच जरूर कराएं।
- डॉक्टर की सलाह से लें सप्लीमेंट्स: किसी भी विटामिन या मिनरल की गोली लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- रेगुलर एक्सरसाइज और मेडिटेशन: ये दोनों न केवल शारीरिक, बल्कि इमोशनल एनर्जी को भी बैलेंस में रखते हैं।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।