परिवार में है हार्ट डिजीज की हिस्ट्री? इन 5 लक्षणों को कभी न करें इग्नोर, कम होगा हार्ट अटैक का खतरा
अगर आपके परिवार में किसी को कम उम्र में ही दिल की बीमारी हुई है, तो आपको सतर्क रहने की ज़रूरत है। 45 साल की उम्र से पहले ही अपने दिल की जांच करवाएं। स ...और पढ़ें

दिल की बीमारी का पारिवारिक इतिहास: कैसे करें बचाव
HighLights
परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास
45 से पहले कराएं हार्ट हेल्थ जांच
लाइफस्टाइल में बदलाव से कम होगा खतरा
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। परिवार में किसी करीबी की हार्ट अटैक या स्ट्रोक से 60 साल या उससे कम उम्र में मौत हुई है तो यह परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री को दर्शाता है।
अगर परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री रही है तो यह कई तरह से इसके खतरे को बढ़ा देती है। ऐसे में 45 साल से कम उम्र से ही हार्ट हेल्थ की जांच कराने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं। भले ही आप अपनी फैमिली हिस्ट्री को नहीं बदल सकते हैं, लेकिन अपने लाइफस्टाइल में कुछ अच्छे बदलाव लाकर इस खतरे को कम कर सकते हैं।
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
- सीने में दर्द या बेचैनी
- सांस लेने में तकलीफ
- बांहों
- पीठ
- गर्दन या जबड़े में दर्द
- चक्कर आना या चक्कर आना
इसके लिए क्या करें
- स्मोकिंग न करें
- नियमित रूप से एक्सरसाइज करें
- हार्ट हेल्दी डाइट लें
- वजन को संतुलित रखें
- शराब कम से कम लें
- अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान रखें
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें
- डायबिटीज को मैनेज करें
जेनेटिक टेस्ट कराएं
अपने डॉक्टर से हार्ट डिजीज को लेकर जेनेटिक टेस्ट कराने की बात करें। कार्डियोमायोपैथी और अरिदमिया जैसी दिल से जुड़ी समस्याओं के लिए जांच कराई जा सकती है। इसमें आपको ब्लड या स्लाइवा सैंपल देने होते हैं, जिससे जीन्स में होने वाले म्युटेशन का पता लगाया जाता है।
दिल की सेहत के लिए लें डाइट
भले ही परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री की वजह से जोखिम ज्यादा है, फिर भी आप अपनी डाइट की मदद से इसे कम कर सकते हैं। हाई सेचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और नमक वाली चीजें हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा देती है, ऐसे में डाइट में शामिल ये चीजें फायदेमंद हो सकती है:-
- फल और सब्जियां
- जौ, ब्राउन राइस और किनुआ जैसे साबुत अनाज
- मछली
- लो फैट डेयरी
- नट्स और सीड्स
- कम सैचुरेटड फैट वाले तेल जैसे सरसों या जैतून का तेल
ऐसे रहेंगे एक्टिव तो कम होगा दिल के रोगों का खतरा
2018 में यूके की स्टडी में खुलासा हुआ कि परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री होने के बावजूद ज्यादा एक्टिव रहने वाले लोगों में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम रहा। फिजिकली एक्टिव रहने वाले लोगों का हार्ट इस तरह सुरक्षित रहता है:
खबरें और भी
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है
- बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है
- वजन कम करने में मदद मिलती है
- आपके सेल्स इंसुलिन का बेहतर इस्तेमाल करने लगते हैं
नंबर्स पर रखें नजर
हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप 2 डायबिटीज का संबंध हार्ट डिजीज से है। ऐसे में इन परेशानियों पर नजर रखते हुए आप इन्हें नियंत्रित रख सकते हैं। अपने डॉक्टर से नियमित रूप से जांच कराते रहें। अपने वजन का ट्रैक रखने के अलावा इनके नंबर्स पर भी ध्यान देने की जरूरत है:
- एचडीएल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर
- ब्लड प्रेशर
- ट्राइग्लिसराइड
- ब्लड शुगर