औरों की समस्या सुनकर खुद तनाव में आना 'इम्पैथी फटीग' के लक्षण हैं, ऐसे रखें अपनी मेंटल हेल्थ का ध्यान
अपने करीबी दोस्तों या अपनों का दुख साझा करते हुए आपको थकान या खालीपन महसूस होने लगे तो यह इम्पैथी फटीग के लक्षण हो सकते हैं। ...और पढ़ें

इम्पैथी फटीग के लक्षण और बचाव के तरीके जानें (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
इम्पैथी फटीग दूसरों के दुख से होने वाली भावनात्मक थकावट है
इसके लक्षणों में गुस्सा, थकान और प्रेरणा की कमी शामिल हैं
भावनात्मक सीमाएं तय करें और खुद को ब्रेक दें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने भी कभी अपने दोस्त को दिलासा देते-देते या अपने किसी करीबी का दुख दूर करते हुए थकान महसूस की है? यह शारीरिक थकान से बिल्कुल अलग है। आपको ऐसा लगता है जैसे आपके अंदर सब खाली हो गया है। इस थकान को ही इम्पैथी फटीग का नाम दिया गया है। यह क्यों होती है, इसके क्या लक्षण और आप खुद को इससे कैसे बचा सकते हैं, जानेंगे इस आर्टिकल में।
क्यों होती है इम्पैथी फटीग?
- अगर आप इमोशनली सेंसिटिव हैं, तो औरों का दुख आप पर ज्यादा हावी हो सकता है।
- खुद को रिकवर होने का समय नहीं देते तो एक खालीपन महसूस हो सकता है।
- पहले से ही कई सारी परेशानियों से गुजर रहे हैं तो किसी और का दर्द आप पर ज्यादा बोझ डाल सकता है।
- आपको लिमिट तय करना ना आता हो या आपको ना कहने की आदत नहीं।
इन लक्षणों से जानें
- आपको इमोशंस महसूस ना होने लगे या आप डिस्कनेक्ट हो जाएं।
- छोटी-छोटी बातों पर भी गुस्सा आने लगे। छोटे काम भी बड़े लगें।
- हर समय थकान महसूस हो, सिर में दर्द, पेट में परेशानी या नींद ना आए।
- पसंदीदा कामों को करने में भी मोटिवेशन ना महसूस हो।
- अपने आस-पास मौजूद लोगों का सपोर्ट करना मुश्किल लगने लगे।
- मदद करने के बावजूद भी नाउम्मीदी या अपराधबोध महसूस हो।
इस तरह खुद को इम्पैथी फटीग से बचाएं
- अपनी एनर्जी बचाने के लिए इमोशनल बाउंड्री बनाना सीखें। इससे आप लोगों की मदद भी कर पाएंगे और खुद की भी।
- अगर आप केयरगिविंग वाले किसी फील्ड में काम करते हैं तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।
- ऑफिस, घर या लंच के दौरान भारी-भरकम बातचीत करने से बचें और माहौल को हल्का रखें।
- किसी गंभीर बातचीत के बीच आपको अपने जबड़े में जकड़न या सांसों का कम होना या सीने में भारीपन महसूस हो तो इस स्थिति से बाहर आने के लिए थोड़ी देर के लिए ताजी हवा में वॉक के लिए निकल जाएं।
- आपके जीवन में भी कोई एक ऐसा रिश्ता होना चाहिए जहां आपको स्ट्रॉन्ग होने की जरूरत नहीं। वो आपका कोई दोस्त, थैरेपिस्ट, मेंटर या आपका कोई साथी हो सकता है।
- दुखद खबरें या कंटेंट कम से कम देखने की कोशिश करें। हंसी-मजाक वाले या एनिमल्स के वीडियोज देखें।
- चेहरे पर ठंडे या गुनगुने पानी के छींटे मारें, इससे वेगस नर्व को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। यह नर्व आपके ब्रेन, हार्ट और डाइजेस्टिव सिस्टम के बीच सिग्नल भेजने का काम करती है।
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Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।