यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगर आप भी भूलने लग गए हैं छोटी-छोटी बातें, तो याददाश्त तेज करने के लिए रोज करें 5 योगासन
क्या आप भी चीजें इधर-उधर रखकर भूल जाते हैं? या रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भूलने लगे हैं? अगर हां तो हो सकता है कि आपकी याददाश्त कमजोर होने लगी है। कमजो ...और पढ़ें

HighLights
- कमजोर याददाश्त की वजह से रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो सकती है
- खराब डाइट और लाइफस्टाइल के कारण याददाश्त कमजोर हो सकती है
- दिमाग को तेज बनाने के लिए योग करना फायदेमंद हो सकता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में याददाश्त कमजोर होना एक आम समस्या बन गई है। सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि अब बच्चों की भी याददाश्त कमजोर होने (Weak Memory) लगी है। इसके पीछे हमारी लाइफस्टाइल काफी हद तक जिम्मेदार है।
लेकिन चिंता मत करिए! कुछ योगासनों (Yoga For Sharp Memory) की मदद से आप अपनी याददाश्त को बेहतर बना सकते हैं। बच्चे हो या बड़े सभी को योग करना चाहिए, क्योंकि चाहे स्टूडेंट्स हों या वर्किंग लोग, अच्छी याददाश्त सभी के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 योगासनों (Yoga To Boost Memory) के बारे में, जो याददाश्त तेज बनाने में मदद करते हैं।
याददाश्त बढ़ाने के लिए योगासन (Yoga Poses To Improve Memory)
पद्मासन
पद्मासन योग की ध्यान और मन के फोकस के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह आसन दिमाग को शांत करता है और तनाव कम करके, याददाश्त तेज बनाने में मदद करता है।
कैसे करें?
- जमीन पर बैठकर पैरों को सामने फैलाएं।
- दाएं पैर को मोड़कर बाएं जांघ पर रखें।
- बाएं पैर को मोड़कर दाएं जांघ पर रखें।
- हाथों को ज्ञान मुद्रा में घुटनों पर रखें।
- सीधे बैठकर गहरी सांस लें और अपनी ब्रीदिंग पर फोकस करने की कोशिश करें।
फायदे
खबरें और भी
- मन शांत होता है और फोकस बढ़ता है।
- तनाव कम होता है, जिससे याददाश्त मजबूत होती है।
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सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड)
सर्वांगासन को "सभी अंगों का आसन" कहा जाता है, क्योंकि यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। यह दिमाग में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ाता है, जिससे याददाश्त तेज होती है।
कैसे करें?
- पीठ के बल लेट जाएं।
- पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कमर को हाथों से सहारा दें।
- शरीर को सीधा रखें और ठोड़ी को छाती से लगाएं।
- कुछ देर इसी मुद्रा में रहकर सामान्य पोजीशन में आएं।
फायदे
- दिमाग तक बल्ड सर्कुलेशन बढ़ता है।
- थायरॉयड ग्लैंड को एक्टिव करता है, जो याददाश्त के लिए फायदेमंद है।
पश्चिमोत्तानासन (फॉर्वर्ड बेंड)
यह आसन नर्वस सिस्टम को शांत करके याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। इससे दिमाग की नसों को आराम मिलता है और फोकस बढ़ता है।
कैसे करें?
- पैरों को सामने फैलाकर बैठें।
- सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हाथों से पैरों के अंगूठे पकड़ें।
- माथे को घुटनों से लगाने की कोशिश करें।
- कुछ सेकंड इसी पोजीशन में रहकर नॉर्मल पोश्चर में आ जाएं।
फायदे
- दिमाग शांत होता है और याददाश्त बढ़ती है।
- तनाव और एंग्जायटी कम होती है।
हलासन (प्लो पोज)
हलासन दिमाग को ऑक्सीजन देकर उसकी काम करने की क्षमता बढ़ाता है। यह आसन याददाश्त को तेज करने के साथ-साथ इनसोम्निया को भी दूर करता है।
कैसे करें?
- पीठ के बल लेट जाएं।
- पैरों को ऊपर उठाकर सिर के पीछे जमीन से लगाने की कोशिश करें।
- हाथों को जमीन पर सीधा रखें।
- कुछ सेकंड बाद धीरे-धीरे नॉर्मल पोजीशन में आएं।
फायदे
- दिमाग की नसों को आराम मिलता है।
- याददाश्त और सोचने की क्षमता बढ़ती है।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम दिमाग को शांत करके याददाश्त बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका है। यह साउंड वाइब्रेशन के जरिए से दिमाग को एक्टिव करता है।
कैसे करें?
- आराम से बैठकर आंखें बंद करें।
- अंगूठों से कानों को बंद करें और पहली उंगलियों को माथे पर रखें।
- गहरी सांस लेकर "ओम" या भौंरे जैसी आवाज निकालें।
- इस प्रक्रिया को 5-7 बार दोहराएं।
फायदे
- मन शांत होता है और याददाश्त तेज होती है।
- फोकस और मेंटल क्लैरिटी बढ़ती है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।