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    क्या लोहे से लगी चोट के बाद वाकई जरूरी है टिटनेस का इंजेक्शन? हैरान कर देगा डॉक्टर का जवाब

    Updated: Sat, 10 Jan 2026 03:01 PM (IST)

    क्या लोहे से चोट लगते ही टिटनेस लगवाना जरूरी है? डॉक्टर के मुताबिक, इसका जवाब है- नहीं। हर छोटी-मोटी चोट के बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी नहीं ह ...और पढ़ें

    डॉक्टर से जानें कब है टिटनेस के इंजेक्शन की असली जरूरत (Image Source: AI-Generated)

    डॉक्टर से जानें कब है टिटनेस के इंजेक्शन की असली जरूरत (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. टीकाकरण पूरा होने पर हर बार इंजेक्शन जरूरी नहीं होता है

    2. टिटनेस इंजेक्शन का असर आमतौर पर 10 साल तक रहता है

    3. चोट लगने पर पहले घाव की सफाई करें और एंटीसेप्टिक लगाएं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर घर में या बाहर काम करते समय जब हमें या बच्चों को किसी लोहे से चोट लग जाती है, तो हमारे मन में सबसे पहला ख्याल 'टिटनेस के इंजेक्शन' का आता है। हम तुरंत डॉक्टर के पास भागते हैं ताकि इन्फेक्शन से बच सकें, लेकिन क्या वाकई हर छोटी-बड़ी चोट पर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना जरूरी है? आइए, डॉ. दीपा अग्रवाल से जानते हैं इसके बारे में।

    Tetanus injection after iron injury

    टीकाकरण है जरूरी

    डॉक्टर की मानें, तो अगर आपके बच्चे का टीकाकरण समय पर पूरा हुआ है, तो हर बार चोट लगने पर इंजेक्शन की जरूरत नहीं होती। बच्चों को बचपन में ही DPT (डिप्थीरिया, परट्युसिस और टिटनेस) का टीका लगाया जाता है, जो उन्हें टिटनेस से सुरक्षा प्रदान करता है।

    इसका एक निश्चित शेड्यूल होता है:

    • शुरुआती टीका: 1.5 महीने से 3.5 महीने की उम्र के बीच।
    • बूस्टर डोज: इसके बाद 1.5 साल, 5 साल, 10 साल और 15 साल की उम्र में बूस्टर डोज दिए जाते हैं। इन नियमित टीकों का उद्देश्य बच्चों को समाज में फैले सामान्य संक्रमणों से बचाना है।
     
     
     
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    वयस्कों में टिटनेस को लेकर भ्रम

    अस्पतालों की ओपीडी में अक्सर ऐसे वयस्क आते हैं जो मामूली खरोंच आने पर भी टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना चाहते हैं। लोगों के बीच एक बहुत बड़ा भ्रम यह है कि टिटनेस के इंजेक्शन का असर केवल 6 महीने तक रहता है।

    Tetanus injection

    क्या है हकीकत?

    सच्चाई यह है कि एक बार टिटनेस का इंजेक्शन लगने के बाद इसका असर आमतौर पर 10 साल तक रहता है।

    • मामूली चोट: अगर चोट छोटी-मोटी है, तो आपको हर 10 साल में केवल एक बार इंजेक्शन लेने की जरूरत होती है।
    • गंभीर स्थिति: केवल बड़े एक्सीडेंट या 'क्रश इंजरी' (ऐसी चोट जिसमें अंग दब गया हो) के मामले में ही इसे 5 साल के अंतराल पर दोहराने की सलाह दी जाती है।

    एक उदाहरण से समझें

    हाल ही में एक 6 साल का बच्चा पार्क में लोहे के झूले से गिरकर घायल हो गया। उसके माता-पिता घबराकर डॉक्टर के पास पहुंचे और टिटनेस लगाने की मांग की, लेकिन चूंकि उस बच्चे को 5 साल की उम्र में अपना बूस्टर डोज मिल चुका था, इसलिए डॉक्टर ने उसे दोबारा इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। यह स्पष्ट करता है कि सही टीकाकरण होने पर बार-बार सुई लगवाने की जरूरत नहीं है।

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    चोट लगने पर तुरंत क्या करें?

    इंजेक्शन के पीछे भागने से पहले प्राथमिक उपचार पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि:

    • घाव की सफाई: चोट लगते ही घाव को बहते हुए पानी से अच्छी तरह धोएं ताकि गंदगी साफ हो जाए।
    • एंटीसेप्टिक का प्रयोग: घाव साफ करने के बाद उस पर कोई स्थानीय एंटीसेप्टिक क्रीम या लोशन लगाएं।

    टिटनेस का इंजेक्शन बार-बार लगवाने वाली दवा नहीं है, बल्कि यह लंबे समय तक सुरक्षा देने वाला टीका है। अपने टीकाकरण का रिकॉर्ड याद रखें और फिजूल के डर से बचें।

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