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    आपका वायरल फीवर कहीं स्वाइन फ्लू तो नहीं? दिल्ली-NCR में बढ़ रहे मामले, समझें मानसून से इसका कनेक्शन

    By Dr. Anil GomberEdited By: Nikhil Pawar
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 08:26 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली-एनसीआर में मानसून के दौरान H1N1 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ...और पढ़ें

    मानसून की बारिश के साथ दिल्ली-NCR में क्यों बढ़ रहे हैं H1N1 के मरीज? (Image Source: AI-Generated)

    मानसून की बारिश के साथ दिल्ली-NCR में क्यों बढ़ रहे हैं H1N1 के मरीज? (Image Source: AI-Generated) 

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए मानसून का सुहावना मौसम सेहत से जुड़ी एक बड़ी परेशानी भी लेकर आया है। दरअसल, इन दिनों H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

    यही वजह है कि आपको फ्लू जैसे लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि अस्पतालों में बुखार, खांसी, गले में खराश और बदन दर्द के मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है।

    मानसून में क्यों बढ़ जाते हैं H1N1 के मामले?

    आखिर बारिश के इस मौसम में ही यह वायरस इतना क्यों फैलता है? डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बदलते तापमान, बढ़ती उमस और लोगों का ज्यादातर समय घरों या बंद जगहों पर बिताना, इस इन्फ्लूएंजा वायरस के फैलने के लिए एकदम सही माहौल तैयार करता है।

    इसके अलावा, लोग अक्सर साफ-सफाई और श्वसन संबंधी आदतों को लेकर अपनी सतर्कता कम कर देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। डॉ. गोम्बर बताते हैं, "यह वह समय है जब कमजोर इम्युनिटी वाले लोग इस वायरस के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं।"

    H1N1 के मुख्य लक्षण

    डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं:

    • तेज बुखार
    • लगातार खांसी आना
    • गले में तेज दर्द या खराश
    • नाक का बंद होना या लगातार बहना
    • शरीर और मांसपेशियों में तेज दर्द
    • बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होना
    • सिरदर्द और शरीर का कांपना
    • विशेषकर बच्चों में कभी-कभी जी मिचलाना, उल्टी या डायरिया की शिकायत होना

    किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?

    वैसे तो यह वायरस किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन कुछ खास समूहों में गंभीर संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है:

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    • 5 साल से छोटे बच्चे और 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग
    • गर्भवती महिलाएं
    • वे लोग जिन्हें डायबिटीज, हार्ट डिजीज, अस्थमा, सीओपीडी या किडनी की बीमारी है
    • कैंसर के मरीज और ऐसे लोग जिनका इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर है

    तुरंत डॉक्टर के पास कब जाएं?

    अगर आपको या आपके किसी परिचित को नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें:

    • सांस लेने में दिक्कत होना या सांस फूलना
    • छाती में दर्द या भारीपन महसूस होना
    • 102 डिग्री से ज्यादा बुखार का लगातार 3 दिन से अधिक समय तक बने रहना
    • होंठ या उंगलियों के पोरों का नीला पड़ जाना
    • बहुत ज्यादा नींद आना, गहरी उलझन में रहना या जागने में तकलीफ होना
    • डिहाइड्रेशन (बहुत तेज प्यास लगना, मुंह सूखना या पेशाब न आना)

    H1N1 के इस कहर में खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

    डॉक्टरों ने इस इन्फ्लूएंजा से बचाव के लिए कुछ बेहद आसान और जरूरी उपाय सुझाए हैं:

    • अपने हाथों को बार-बार साबुन या अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से साफ करते रहें।
    • अगर आपको फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो भीड़-भाड़ वाली बंद जगहों पर जाते समय मास्क जरूर पहनें।
    • खांसते या छींकते समय हमेशा अपने मुंह और नाक को ढकें।
    • सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें।
    • बुखार या सांस से जुड़ी परेशानी होने पर घर पर ही रहें और आराम करें।
    • अपनी इम्युनिटी को मजबूत बनाने के लिए खूब लिक्विड डाइट लें, पौष्टिक चीजें खाएं और भरपूर नींद लें।

    कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। हाई-रिस्क वाले मरीजों में शुरुआती एंटीवायरल इलाज से गंभीर जटिलताओं के खतरे को कम किया जा सकता है।

    ध्यान रहे, H1N1 के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और मरीज सही समय पर इलाज व आराम से ठीक हो जाते हैं, लेकिन जो लोग हाई-रिस्क श्रेणी में आते हैं, उन्हें डॉक्टर के पास जाने में बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए। सही समय पर बीमारी की पहचान और उसका इलाज ही गंभीर जटिलताओं से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है।

    (डॉ. अनिल गोम्बर, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (मॉडल टाउन, नई दिल्ली) में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर डायरेक्टर हैं।)

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