Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'अरे यार! दिमाग में है पर जुबान पर नहीं आ रहा...' अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो समझिए इसका साइंस

    Updated: Sun, 26 Apr 2026 05:10 PM (IST)

    कई बार ऐसा लगता है जैसे कोई शब्द जुबान पर अटका है, लेकिन याद नहीं आ रहा है। इसे टिप-ऑफ-द-टंग फिनोमिना कहते हैं। ...और पढ़ें

    क्यों जुबान तक आकर वापस लौट जाते हैं शब्द? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों जुबान तक आकर वापस लौट जाते हैं शब्द? (Picture Courtesy: Freepik)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी पुराने दोस्त का नाम, किसी फिल्म का शीर्षक या कोई खास शब्द याद करने की कोशिश कर रहे हों, और आपको ऐसा महसूस हो रहा हो कि वह शब्द बिल्कुल आपकी 'जुबान की नोक' पर है, लेकिन बाहर नहीं आ पा रहा? 

    आप उस शब्द की लंबाई बता सकते हैं, उसका पहला अक्षर बता सकते हैं, यहां तक कि उससे मिलते-जुलते शब्द भी आपके दिमाग में आ रहे हैं, बस वह सटीक शब्द गायब है। अगर हां, तो घबराइए मत आप अकेले नहीं है। 

    साइकोलॉजी की भाषा में इस अनुभव को 'टिप-ऑफ-द-टंग' या TOT फिनोमिना कहा जाता है। यह एक ऐसी मानसिक अवस्था है, जिसमें इंसान यह तो जानता है कि उसे वह जानकारी पता है, लेकिन उस खास समय पर उसका दिमाग उस जानकारी को याद नहीं कर पाता।

    यह क्यों और कैसे होता है?

    मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि हमारा मस्तिष्क किसी शब्द या जानकारी को कई अलग-अलग परतों में स्टोर करता है। जब हम किसी शब्द को याद करते हैं, तो दिमाग उसके मतलब और उसके साउंड को आपस में जोड़ता है।

    खबरें और भी

    TOT की स्थिति तब पैदा होती है जब दिमाग शब्द के मतलब तक तो पहुंच जाता है, लेकिन उसके उच्चारण के साथ कनेक्शन नहीं बना पाता। इसे एक तरह का शॉर्ट सर्किट माना जा सकता है, जहां आपको पता है कि आप किसे ढूंढ रहे हैं, लेकिन उसका नाम आपके दिमाग के दरवाजे पर आकर अटक गया है।

    Tip of the tongue phenomenon (1)

    (AI Generated Image)

    TOT के दौरान हम क्या महसूस करते हैं?

    इस घटना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि हमें उस लापता शब्द के बारे में कई दूसरी बातें याद होती हैं, जैसे-

    • शब्द की बनावट- अक्सर लोग बता पाते हैं कि शब्द छोटा है या बड़ा।
    • साउंड- आपको याद आ सकता है कि शब्द कैसा सुनाई देता है या उसमें कितने अक्षर हैं।
    • पहला अक्षर- कई बार व्यक्ति को सही शब्द का पहला अक्षर याद रहता है।
    • दूसरे शब्द- दिमाग अक्सर उस शब्द के बजाय उसके पर्यायवाची शब्द याद आने लगते हैं।

    इसके पीछे के कारण

    • कम इस्तेमाल- यह अक्सर उन शब्दों के साथ होता है जिनका इस्तेमाल हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत कम करते हैं।
    • तनाव और थकान- जब दिमाग थका हुआ होता है या हम किसी के सामने बोलने के दबाव में होते हैं, तो मेमोरी रिट्रीवल करने का प्रोसेस धीमा हो जाता है।
    • उम्र का बढ़ना- उम्र बढ़ने के साथ TOT के अनुभव ज्यादा बार हो सकते हैं, क्योंकि दिमाग को सूचनाओं को जोड़ने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।

     
    Source: