आपकी असली आवाज कौन-सी है? रिकॉर्डिंग वाली या जो आप सुनते हैं? जानिए सच
क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों वॉइस नोट में आपको अपनी आवाज इतनी अजीब सुनाई देती है? इसके पीछे दिलचस्प कारण हैं। ...और पढ़ें

वॉइस नोट में अपनी ही आवाज सुनकर चौंक जाते हैं आप? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जो अक्सर वॉयस नोट रिकॉर्ड कर भेजने से पहले खुद प्ले करके सुनते हैं। रिकॉर्डिंग में अपनी आवाज सुनते ही क्या भी हैरान रह जाते हैं? खुद से यह सवाल करते हैं कि "अरे बाप रे! क्या सच में मेरी आवाज ऐसी है? लेकिन ये तो मेरी आवाज हो ही नहीं सकती!"
अपनी रिकॉर्ड की गई आवाज सुनकर ऐसा ही कुछ लगता है, जो आप अकेले तो बिल्कुल नहीं हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आपके आसपास मौजूद लगभग हर व्यक्ति अपनी आवाज सुनकर ऐसा ही सोचता है।
अगर आप भी अपनी इस बदली हुई आवाज का राज जानना चाहते हैं, तो आज हम आपको बताएंगे आपकी आवाज के पीछे का ऐसा सच जो काफी ज्यादा दिलचस्प और हैरान करने वाला है।
क्या है आवाज बदलने के पीछे की राज?
जब हम बोलते हैं, तो हमारे दिमाग तक वह आवाज दो अलग-अलग तरीकों से पहुंचती है। इसी कारण से हमें खुद की आवाज वैसी नहीं लगती जैसी दुनिया को सुनाई देती है।
- हवा के जरिए- पहला तरीका वही है जिससे हम दुनिया की बाकी आवाजें सुनते हैं। जब हम बोलते हैं, तो हमारे मुंह से निकलने वाली साउंड वेव्स हवा में कंपन पैदा करती हैं। ये तरंगें बाहर से घूमकर हमारे कानों के पर्दे से टकराती हैं और हमें सुनाई देती हैं। दूसरे लोग इसी माध्यम से हमारी आवाज सुनते हैं।
- हड्डियों के जरिए- दूसरा तरीका वह है जो केवल हमारे लिए होता है। जब हमारे वोकल कॉर्ड्स कंपन करते हैं, तो वे कंपन केवल हवा में ही नहीं जाते, बल्कि हमारी खोपड़ी की हड्डियों में भी फैलते हैं और सीधे हमारे कान के अंदर वाले हिस्से तक पहुंचते हैं।
जब साउंड वेव्स हमारी खोपड़ी की हड्डियों से होकर गुजरती हैं, तो वे बिखर जाती हैं। इस वजह से हमारी आवाज की पिच कम हो जाती है और बेस या भारीपन जुड़ जाता है। इसलिए बोलते समय हमें अपनी आवाज जितनी भारी महसूस होती है, असल में वह उतनी होती नहीं है। हमारा दिमाग हड्डियों से आने वाले इस भारीपन और हवा से आने वाली आवाज को मिलाकर एक आवाज सुनता है, जिसे हम अपनी असली आवाज समझते हैं।
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(AI Generated Image)
रिकॉर्डिंग में क्या होता है?
जब हम अपनी रिकॉर्ड की गई आवाज सुनते हैं, तो उसमें बोन कंडक्शन वाला हिस्सा पूरी तरह गायब होता है। रिकॉर्डर केवल वही आवाज पकड़ता है, जो हवा के जरिए बाहर आती है।
अब क्योंकि हमारे कानों को उस भारीपन या बेस की आदत होती है, इसलिए बिना उसके वही आवाज हमें अचानक बहुत ऊंची, पतली और अजीब लगने लगती है। हमें ऐसा लगता है जैसे ये हमारी असली आवाज है ही नहीं।
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कौन-सी आवाज असली है?
इतना सब जानने और समझने के बाद सवाल यह उठता है कि आखिर हमारी असली आवाज कौन-सी है? सच तो यह है कि जिस आवाज को सुनकर आप हैरान-परेशान हो जाते हैं, वही आपकी असली आवाज है। इसका सीधा-सा मतलब यह है कि लोग आपकी उसी आवाज को सुनते हैं, जिसे रिकॉर्डिंग में सुनकर आपको अलग या अजीब लगता है।