ओवरथिंकिंग नहीं, आपकी आंतों के 'बैक्टीरिया' बढ़ा रहे हैं स्ट्रेस! जानिए क्या कहती है यह नई रिसर्च
एक रिसर्च में पाया गया है कि आंत में मौजूद बैक्टीरिया हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं। ...और पढ़ें

स्ट्रेस और आंत के बैक्टीरिया के बीच क्या है कनेक्शन? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रेट्र, नई दिल्ली। अक्सर जब हम तनाव महसूस करते हैं, तो हमें लगता है कि इसका कारण केवल बाहरी परिस्थितियां या हमारी ओवरथिंकिंग हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी आंत में रहने वाले बैक्टीरिया भी आपके मानसिक तनाव के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं?
वियना यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक चौंकाने वाले अध्ययन में यह खुलासा किया है कि हमारी आंतों का माइक्रोबायोम हमारे तनाव लेने के तरीके को सीधे प्रभावित करता है। आइए समझें कैसे।
आंत का माइक्रोबायोम क्या है?
हमारी आंतों में लाखों-करोड़ों माइक्रोब्स रहते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये माइक्रोब्स केवल खाना पचाने का काम नहीं करते, बल्कि ये हमारे मेटाबोलिज्म और इम्यून सिस्टम को बेहतर तरीके से चलाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये माइक्रोब्स अलग-अलग माध्यम से सीधे हमारे दिमाग से जुड़े होते हैं।
रिसर्च में क्या पता चला?
वियना यूनिवर्सिटी की रिसर्च में पहली बार यह पाया गया है कि वयस्कों में आंत के बैक्टीरिया की विविधता और उनके बनाए जाने वाले मेटाबोलिक पदार्थों का तनाव से गहरा संबंध है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों की आंतों में सूक्ष्मजीवों की विविधता ज्यादा होती है, उनकी हार्मोनल और व्यक्तिगत तनाव प्रतिक्रिया भी उसी के अनुरूप होती है। आसान शब्दों में कहें तो, आपकी आंत में मौजूद बैक्टीरिया की विविधता यह तय कर सकती है कि आप किसी तनावपूर्ण स्थिति में कितनी तेजी से रिएक्शन देंगे।
तनाव और बैक्टीरिया का कनेक्शन
स्टडी के अनुसार, आंतों के बैक्टीरिया में मेटाबोलिक शार्ट चेन फैटी एसिड का प्रोडक्शन करने की क्षमता होती है। यह प्रक्रिया तीव्र स्ट्रेस रिएक्शन को नियंत्रित करने में मदद करती है। शोध यह साफ करता है कि आंत का माइक्रोबायोम दिमाग को संकेत भेजकर तनाव को मैनेज करने में भूमिका निभाता है। अगर इन माइक्रोब्स की संरचना में बदलाव किया जाए, तो यह तनाव से निपटने का एक नया तरीका बन सकता है।
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भविष्य की नई उम्मीदें
यह शोध मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि आंतों के सूक्ष्मजीवों की संरचना और उनके मेटाबोलिक फंक्शन को समझकर तनाव से संबंधित स्थितियों के लिए नई रणनीतियां बनाई जा सकती हैं। अगर हम अपने आंतों के स्वास्थ्य और वहां मौजूद बैक्टीरिया को बेहतर बनाने पर ध्यान दें, तो भविष्य में तनाव और उससे जुड़ी समस्याओं का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।