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    दिल को तंदुरुस्त रखना है? तो पहले सुधारें अपना गट 'माइक्रोबायोम', वैज्ञानिकों की बड़ी चेतावनी

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 07:25 AM (IST)

    वैज्ञानिक अब मानते हैं कि आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों का संतुलन भी दिल की सेहत को प्रभावित करता है। ...और पढ़ें

    क्या आपका पेट तय कर रहा है आपके दिल की सेहत? जानें 'गट-हार्ट एक्सिस' का रहस्य (Image Source: AI-Generated)

    क्या आपका पेट तय कर रहा है आपके दिल की सेहत? जानें 'गट-हार्ट एक्सिस' का रहस्य (Image Source: AI-Generated) 

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    द कन्वर्सेशन, नई दिल्ली। दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोगों की जान हार्ट डिजीज की वजह से जाती है। हम सभी आमतौर पर यही मानते हैं कि धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डायबिटीज ही दिल की बीमारियों के सबसे बड़े खतरे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी आंतों में मौजूद छोटे-छोटे सूक्ष्मजीवों का संतुलन भी आपके दिल को बीमार कर सकता है?

    आपके पेट और आपके दिल के बीच का यह रिश्ता बेहद गहरा और हैरान करने वाला है। आइए इस आर्टिकल में विस्तार से समझते हैं।

    gut health

    (Image Source: AI-Generated) 

    'गट-हार्ट एक्सिस' क्या है?

    शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि हमारी आंतों में रहने वाले सूक्ष्मजीवों का सही संतुलन बिगड़ने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। पेट और दिल के बीच के इस सीधे कनेक्शन को विज्ञान की भाषा में 'गट-हार्ट एक्सिस' (Gut - Heart Axis) कहा जाता है। यही वह कारण है जो यह समझाता है कि हमारा आहार (खान-पान) और हमारे दिल की सेहत आपस में इतने करीब से क्यों जुड़े हुए हैं।

    शरीर में क्या करते हैं ये सूक्ष्मजीव?

    हमारी आंतों में मौजूद इन सूक्ष्मजीवों के समूह को 'गट माइक्रोबायोम' कहा जाता है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कई महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे:

    • भोजन को पचाना
    • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना
    • शरीर के मेटाबॉलिज्म का संतुलन बनाए रखना
    • न्यूरोलॉजिकल प्रोसेस को सुचारू रूप से चलाना

    दिल की बीमारी और पेट के बैक्टीरिया का कनेक्शन

    बड़े स्तर पर किए गए अध्ययनों से यह बात स्पष्ट हुई है कि दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों की आंतों का माइक्रोबायोम, पूरी तरह से स्वस्थ लोगों की तुलना में काफी अलग होता है।

    हालांकि, वैज्ञानिकों को अब तक कोई ऐसा एक 'हृदय रोग वाला सूक्ष्मजीव' नहीं मिला है जो अकेले दिल की बीमारी के लिए जिम्मेदार हो। फिर भी, हृदय रोग का संबंध आंतों में होने वाले इन तीन प्रमुख बदलावों से लगातार देखा गया है:

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    • सूक्ष्मजीवों की विविधता में कमी: इसका मतलब है कि आंतों में रहने वाले अलग-अलग प्रकार के सूक्ष्मजीवों की वैरायटी और उनका आपसी संतुलन बिगड़ जाना या कम हो जाना।
    • गुड बैक्टीरिया का नुकसान: शरीर को फायदा पहुंचाने वाले और सुरक्षा देने वाले सूक्ष्मजीवों का कम हो जाना।
    • सूजन बढ़ाने वाले बैक्टीरिया का विकास: शरीर में सूजन पैदा करने वाले नुकसानदायक सूक्ष्मजीवों का बहुत तेजी से बढ़ जाना।

    क्या कहती है नई रिसर्च?

    इस विषय की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में एक शोध पत्र प्रकाशित हुआ है। इस रिसर्च पेपर में 67 अलग-अलग अध्ययनों के नतीजों की गहराई से जांच की गई है। इन सभी 67 अध्ययनों में विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों और आंत के माइक्रोबायोम के बीच के इसी महत्वपूर्ण रिश्ते का अध्ययन किया गया था।

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