क्या मोबाइल आपकी आंखों को बना रहा है कमजोर? जानिए स्क्रीन टाइम के खतरनाक असर और बचाव के तरीके
ज्यादा देर तक मोबाइल या स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे ड्राइनेस, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक: मोबाइल स्क्रीन से बढ़ रही है आई स्ट्रेन की समस्या (Image Credit - Canva)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में तकनीक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइसेज ने कई कामों को बेहद आसान बना दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि एक तरह से पूरी दुनिया हमारी जेब में रखे मोबाइल फोन में सिमट गई है। पढ़ाई से लेकर ऑफिस के काम, ऑनलाइन मीटिंग्स, मनोरंजन या फिर किचन में नई रेसिपी ढूंढने तक, हर काम के लिए हम मोबाइल पर ही निर्भर होते जा रहे हैं।
ऐसे में चाहे आप स्टूडेंट हों या ऑफिस जाने वाले प्रोफेशनल, लगभग हर किसी का स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ गया है। बच्चे हों, युवा हों या बुजुर्ग, आजकल हर उम्र के लोग लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन के सामने रहते हैं। यही वजह है कि आंखों की देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल के लगातार इस्तेमाल से आंखों से जुड़ी समस्या न सिर्फ वयस्कों में बल्कि बच्चों में काफी बढ़ गई है। ज्यादार लोग यह जरूर जानते हैं कि लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेाल आंखों में ड्राइनेस का कारण बनता है, लेकिन इसके नुकसान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं।

(Image Source: AI-Generated)
मोबाइल का जरूरत से ज्यादा और सही तरीके से इस्तेमाल न करना कई तरह की परेशानियों को दावत दे सकता है। जैसे- मोबाइल को आंखों काफी पास रखकर इस्तेमाल करना, कम या फिर ज्यादा ब्राइट लाइट में इसका इस्तेमाल करना और यहां तक कि खराब पॉश्चर भी आंखों पर दबाव का कारण बनता है। गंभीर मामलों में आंखों की रोशनी जाना, धुंधला दिखाई देना, लगातार सिर दर्द होना, पढ़ते वक्त ध्यान लगाने में दिक्कत होना, आंखों में खुजली होना, आंखों में दर्द आदि होना।
स्क्रीन के आगे ज्यादा वक्त बिताने से:
- स्क्रीन की ज्यादा तेज रोशनी से आंखों की पुतलियां और नसें सिकुड़ जाती हैं।
- अक्सर सिर दर्द रहना
- चीजों पर फोकस करने में दिक्कत आना
- धुंधलापन बढ़ जाना
- स्क्रीन से आंखों को हटाने के बाद एकदम आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
- आंखों की रोशनी कमजोर होना
- जब हम लगातार स्क्रीन पर फोकस करते हैं, तो पलके कम झपकाते हैं, जिससे आंखों में ड्राइनेस के साथ खुजली और जलन शुरू हो जाती है
- आंखों में भारीपन या दबाव महसूस होना
- मोतियाबिंद या आंखों से जुड़ी गंभीर बीमारियां
मोबाइल का जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल कई तरह की परेशानियों को जन्म दे सकता है। जैसे, मोबाइल को आंखों के बहुत करीब रखकर इस्तेमाल करना, बहुत तेज या बहुत कम रोशनी में फोन चलाना और यहां तक कि गलत पॉश्चर में मोबाइल इस्तेमाल करना भी आंखों पर दबाव बढ़ा सकता है।

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गंभीर मामलों में इसकी वजह से धुंधला दिखाई देना, लगातार सिरदर्द रहना, पढ़ते समय ध्यान लगाने में परेशानी, आंखों में खुजली या दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
अपनी आंखों को मोबाइल के खतरे से बचाने के लिए ये काम करें:
1. 20/20/20 रूल को फॉलो करें, यानी अगर आप मोबाइल या फिर लैपटॉप का इस्तेमाल काम की वजह से लगातार कर रहे हैं, तो बीच में 20 मिनट का ब्रेक लें और फिर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखने की कोशिश करें
2. अपने मोबाइल पर एंटी-ग्लेयर स्क्रीन का इस्तेमाल करें। अगर फोन में एंटी-ग्लेयर स्क्रीन नहीं है, तो एंटी-ग्लेयर लेन्सेस या फिर चश्में का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
3. अपने फोन और आंखों के बीच कम से कम 16 से 18 इंच की दूरी रखें।
4. लैपटॉप या फिर फोन को अंधेरे में न यूज करें।
5. रात के समय फोन को डार्क मोड में रखें
6. फोन की ब्राइटनेस को संतुलित रखें, जो न ज्यादा कम हो न ही तेज
7. फोन की स्क्रीन को हमेशा साफ रखें
8. जब भी फोन काफी देर से देख रहे हों, तो हर थोड़ी देर में 10 से 20 बार पलकों को झमकाना न भूलें।
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