कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलतियां? बरसात में खाने-पीने का यह तरीका बढ़ाता है फूड प्वाइजनिंग का खतरा
बारिश गर्मी से राहत दिलाती है तो वहीं वातावरण में नमी हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को पनपने की जगह भी देती है। ...और पढ़ें

मॉनसून में खाने-पीने से जुड़ी की गलतियां जिनसे बचना चाहिए (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जहां एक तरफ बारिश गर्मी से राहत दिलाती है तो वहीं वातावरण में बढ़ी हुई नमी हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को पनपने की जगह भी देती है। डॉक्टर्स का मानना है कि इस मौसम में लोग सबसे ज्यादा बीमार पड़ते हैं, फूड प्वाइजनिंग, टायफाइड और पेट से जुड़ी दिक्कतें बरसात में बेहद आम हैं।
बता दें कि इस दौरान ज्यादातर लोगों के बीमार पड़ने की वजह उनकी जाने अनजाने में की जाने वाली रोजमर्रा की गलतियां होती हैं। मैक्स सुपर स्पैशलिटी अस्पताल, नोएडा में इन्टर्नल मेडिसिन की डायरेक्टर डॉ. ज्योति जैन आज के इस लेख में बता रही हैं कि खाने-पीने से जुड़ी कौन सी गलतियां सेहत पर भारी पड़ सकती हैं।
मॉनसून में खाने-पीने से जुड़ी गलतियां जिनसे बचना चाहिए
1. कच्ची सलाद और कटे हुए फल पर भरोसा करना
वैसे तो सलाद सेहत के लिए हेल्दी माना जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियां सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। गीली मिट्टी पैथोजेंस को जन्म देती है जिसे पानी से धोकर हटाना भी मुश्किल होता है। इसी वजह से हमेशा स्टीम, पका और उबला हुआ खाने की सलाह दी जाती है। वहीं, उन फलों को खाएं जिन्हें छीला जा सके, जैसे - केला या संतरा। साथ ही, बाहर मिलने वाले कटे हुए फल खाने से भी सख्त परहेज करें।
2. स्ट्रीट फूड और चटनी ज्यादा खाना
चाट की गरमा गरम प्लेट भले ही खाने में स्वादिष्ट रखे लेकिन इसमें इस्तेमाल किया जाने वाला पानी ज्यादातर मामलों में शुद्ध नहीं होता। इसमें भी सबसे खराब स्थिति हरी चटनी की होती है क्योंकि उन्हें कच्चा पीसा जाता है और ठंडा ही परोसा जाता है, ऐसे में उसके कीटाणु मर नहीं पाते और बैक्टीरिया को जन्म दे सकते हैं।
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3. कमरे के तापमान में खाना खुला छोड़ देना
मानसून में ज्यादा नमी खाने में होने वाले बैक्टीरिया को जन्म देती है। अगर पका हुआ खाना किचन में 2 घंटे के लिए भी खुला छोड़ दिया जाए तो वह टॉक्सिक हो जाता है। ऐसे में खाने को हमेशा फ्रिज में रखें और खाने से पहले अच्छे से गर्म कर लें।
4. पीने के पानी को अनदेखा करना
ऐसा कभी न सोचे कि जो पानी बारिश के मौसम में रेस्टोरेंट में दिया जा रहा है, वह पीने लायक है। अंडरग्राउंड वॉटर के इस मौसम में दूषित होने की संभावना ज्यादा रहती है। हमेशा अपने साथ उबले हुए पानी की बोतल रखें और फिर हमेशा बंद बोतल ही खरीदें।
मानसून में खाने पीने को लेकर डॉक्टर एक गोल्डन रूल पर भरोसा करता है : पकाओ, उबालो, छीलो या छोड़ दो। ताजा और गर्म खाना खाएं क्योंकि इस मौसम में खाने के मामले में थोड़ा डिसिप्लिन रखना पेट को हेल्दी रखने और बीमारी से शरीर की रक्षा में मददगार है।