Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बच्चों को आसानी से अपना शिकार बना सकता है Mpox, जानें इसके फैलने का कारण और प्रमुख लक्षण

    Updated: Tue, 17 Sep 2024 08:22 AM (IST)

    दुनियाभर में Mpox यानी Monkeypox का तांडव जारी है। यह बीमारी धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में अपने पैर पसारने लगी है। खुद में भारत में भी इसके मामले आ ...और पढ़ें

    बच्चों में ऐसे करें एमपॉक्स की पहचान (Picture Credit- Freepik)
    बच्चों में ऐसे करें एमपॉक्स की पहचान (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. दुनियाभर में Mpox के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
    2. खुद भारत में इसका मामला सामने आने के बाद चिंता का माहौल है।
    3. खासकर बच्चों को यह बीमारी आसानी से अपनी चपेट में ले सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। WHO ने एमपॉक्स यानी मंकी पॉक्स को एक इंटरनेशनल इमरजेंसी घोषित कर दिया है। दुनियाभर में पैर पसार रही यह बीमारी अब भारत में भी दस्तक दे चुकी है। ऐसे में इसे लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। एमपॉक्स इंसानों में सबसे पहले 1970 में रिपोर्ट किया गया था। ये एक वायरल इन्फेक्शन है, जो स्मॉल पॉक्स वायरस की फैमिली के ही वायरस के कारण होता है। आजकल एमपॉक्स के क्लेड वेरिएंट के कारण ये फिर से फैल रहा है। क्लेड वेरिएंट भी दो तरह के क्लेड I और क्लेड II होते हैं।

    एमपॉक्स वायरस के संपर्क में आने के 3 हफ्ते बाद अपने लक्षण दिखना शुरू करता है। हाथ, पैर, सीना, मुंह, गुप्तांग पर रैशेज देखने को मिल सकते हैं। ये रैश ब्लिस्टर या पिंपल के रूप में भी दिख सकते हैं। इनमें खुजली या दर्द भी संभव है। बड़ों के साथ बच्चों में भी एमपॉक्स का संक्रमण देखने को मिल सकता है। आइए जानते है बच्चों में इस बीमारी के लक्षण और इससे बचाव का तरीका-

    यह भी पढ़ें-  नाक से खून और सांस लेने में तकलीफ हो सकते हैं Newborn Baby में Dengue के संकेत, ऐसे रखें उनका ख्याल

    कैसे फैल सकता है बच्चों में एमपॉक्स-

    यह बीमारी कई तरह से लोगों में फैल सकती है। बात करें बच्चों की, तो इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से बच्चे आसानी से इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा निम्न कारणों से भी यह बच्चों में फैल सकता है।

    • स्किन पर मौजूद रैशेज के संपर्क में आने पर
    • संक्रमित सामान जैसे कपड़े, जूठे बर्तन आदि से भी
    • संक्रमित व्यक्ति के छींक या खांसी के ड्रॉपलेट्स
    • संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने पर
    • प्रेग्नेंट महिलाएं भी बच्चे को ये संक्रमण पास कर सकती हैं।
    • संक्रमित पेरेंट्स, केयर गिवर या अन्य फैमिली मेंबर के साथ बैठ कर खेलने से भी ये फैल सकता है।

    बच्चों में एमपॉक्स के लक्षण

    • स्किन पर रैश
    • फीवर
    • गले में दर्द
    • सिरदर्द
    • बदन दर्द
    • पीठ में दर्द
    • लो एनर्जी
    • लिम्फ नोड्स में सूजन

    एमपॉक्स के कहर से बच्चों को ऐसे बचाएं

    • बीमारी की जानकारी रखें, लक्षण समझें और अपने आसपास संक्रमण फैलने की जानकारी पर नजर रखें।
    • किसी को एमपॉक्स हो चुका हो तो उससे किसी प्रकार के सामान न शेयर करें और ऐसे लोगों से हर सम्भव दूरी बनाएं।
    • बच्चों के साथ अपने हाथ भी बार बार साबुन या हैंडवाश से धुलने की आदत डालें।

    यह भी पढ़ें-  भारत के लिए कितना खतरनाक है Monkeypox Virus, डॉक्टर ने बताई इस बीमारी से जुड़ी हर जरूरी बात

    खबरें और भी